वीर्य योनि से बाहर निकल जाने पर क्या आप प्रेग्नेंट हो सकती हैं?

किशोरावस्था में जब आप अपनी सहेलियों से सेक्स के बारे में बात करती थीं तो यह सब कितना सरल लगता था, प्यार-सेक्स-गर्भावस्था।

हर एक बात को कितनी आसानी से समझा दिया जाता था, है न?

या फिर बात सिर्फ इतनी होती थी कि आप इस अजीब बातचीत को जल्द से जल्द ख़त्म करने की कोशिश में होती थीं?

बात चाहे जो भी, आपको यह तो लगता ही था कि आपने सबकुछ जान लिया।

दुर्भाग्य से, जब आपकी शादी हो जाती है और आप गर्भधारण करने की इच्छा रखती हैं, तो आपके सामने कई नए प्रश्न खड़े हो जाते हैं।

इनमें से एक प्रश्न होगा “यदि सेक्स के बाद वीर्य योनि से बाहर निकल जाता है और भीतर कुछ भी नहीं रहता तो आप गर्भवती कैसे होंगी।

छोटे शब्दों में इस प्रश्न का उत्तर है “हाँ, भले ही वीर्य सेक्स के बाद आपकी योनि से बाहर निकल जाता हो, फिर भी आप अपने आप को गर्भवती पा सकती हैं।”

तो अब आप सोच रही होंगी यह कैसे संभव है? यदि हाँ, तो आगे पढ़ते रहिये। हम आपको हर एक प्रक्रिया की गहराई से जानकारी देंगे।

सेक्स के बाद वीर्य योनि से बाहर क्यों निकल जाता है?

यह समझने से पहले कि सेक्स के बाद वीर्य योनि से बाहर निकल जाने के बाद भी गर्भावस्था होने की सम्भावना क्यों है, वीर्य और शुक्राणु के बीच अंतर को समझना जरूरी है।

सीधे शब्दो में कहें तो वीर्य एक तरल पदार्थ होता है जो लिंग से निकलता है, और शुक्राणु वीर्य में पाई जाने वाली कोशिकाएं होती हैं, जो महिला की योनि में अंडे को फ़र्टिलाइज़ करती हैं। जब एक पुरुष उत्तेजित होता है तो शुक्राणु शरीर के शारीरिक स्त्रावों के साथ मिलकर वीर्य बनाते हैं।

शुक्राणु कोशिकाओं के अलावा वीर्य में कई शारीरिक स्राव मौजूद होते हैं, जो शुक्राणु कोशिकाओं को अंडे तक पहुंचने में जीवित रखने में मदद करते हैं।

इनमें प्रोस्टेटिक फ्लूइड (योनि की एसिडिटी को बेअसर करने के लिए), सेमिनल फ्लुइड (शुक्राणु को पोषण देने में मदद करने के लिए) और बल्बोयूरेथ्रल फ्लुइड (लिंग को चिकना करने के लिए) भी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, वीर्य में कई पोषक तत्व भी होते हैं। 2013 में शोधों पर हुए एक अवलोकन के अनुसार वीर्य में प्रोटीन, विटामिन सी, और अत्यधिक जिंक पाया जाया है। इसमें सोडियम, कोलेस्ट्रॉल, जिंक और थोड़ी मात्रा में विटामिन बी-12 भी पाया जाता है।

चूँकि सेक्स के दौरान वीर्य की इतनी कम मात्रा का स्खलन होता है, इसलिए आपके पोषण पर इसका बहुत कम प्रभाव पड़ता है। लेकिन, यदि एक शुक्राणु कोशिका एक अंडा कोशिका को फ़र्टिलाइज़ करती है, तो आपके जीवन पर जरूर बहुत बड़ा प्रभाव हो सकता है!

योनि में वीर्य छोड़ने के बाद कुछ शुक्राणु तुरंत अंडे की तरफ तैरना शुरू कर देते हैं, जबकि बाकी के वीर्य के साथ योनि से बाहर निकल जाते हैं।

कितना वीर्य और शुक्राणु निकलते हैं?​

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (WHO) के अनुसार जब लिंग स्खलित होता है, तो औसतन 1 चम्मच या 4 मिलीलीटर वीर्य निकलता है। (हालांकि, यह मात्रा व्यक्ति के स्वास्थ्य और स्खलन की आवृत्ति के आधार पर 1.2 और 7.6 मिलीलीटर के बीच हो सकती है।)

WHO ने यह भी अनुमान लगाया कि पुरुष एक बार के स्खलन में लगभग 2 करोड़ 30 लाख से 92 करोड़ 80 लाख शुक्राणु निकालते हैं। (इन दोनों आंकड़ों को मिलाकर देखें तो 1 मिलीलीटर वीर्य में लगभग 90 लाख से 2 करोड़ 59 लाख शुक्राणु हो सकते हैं।)

सही परिस्थितियों को देखते हुए, शुक्राणु गर्भाशय में लगभग 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं। (यह तकनीकी रूप से महिला को पीरियड या मासिक धर्म के दौरान सेक्स करने पर भी गर्भवती होने की सम्भावना को पैदा करता है)।

शुक्राणु इनक्यूबेटर मशीन में भी 72 घंटों तक जिंदा रह सकते हैं और जमी हुई अवस्था में सालों तक। तो यह बात तो साफ है कि शुक्राणुओं में जिंदा रहने की शक्ति होती है।

वीर्य में शुक्राणुओं की अत्यधिक मात्रा (करोड़ों में) होने के कारण, और अंडे को फ़र्टिलाइज़ करने के लिए सिर्फ एक शुक्राणु की जरूरत होने के कारण, एक शुक्राणु को गर्भाशय ग्रीवा से होते हुए अंडे तक पहुँचना संभव होता है और बाकी का वीर्य और शुक्राणु योनि से बाहर निकल जाते हैं।

यहाँ तक कि अगर आप सेक्स के तुरंत बाद वीर्य को योनि के बाहर निकलता देखती हैं, तब भी कई सारे शुक्राणु संभावित फ़र्टिलाइजेशन के लिए योनि के अंदर रह जाते हैं।

क्या वीर्य को लम्बे समय तक योनि के अंदर बनाये रखने से गर्भधारण की सम्भावना बढ़ जाती है?

चाहे आप गर्भधारण की कोशिश में हों या इससे बचने की कोशिश में, आपके मन में यह प्रश्न तो जरूर आया होगा कि सेक्स के तुरंत बाद पेशाब कर लेने, योनि को धो लेने, चलने फिरने या बाथरूम जाने से आपके गर्भधारण की सम्भावना पर कोई असर पड़ सकता है? क्या इन सब चीजों से शुक्राणुओं के सफर में रुकावट आ सकती है?

तो चलिये इन सभी को एक-एक करके समझते हैं –

सेक्स के बाद पेशाब करना​

सच्चाई यह है कि, सेक्स करने के बाद बाथरूम में जाकर पेशाब करना आपके गर्भधारण की संभावनाओं को प्रभावित नहीं करता।

ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर आप सेक्स के कुछ सेकंड्स बाद भी पेशाब करती हैं, तो मूत्रमार्ग से निकलने वाली पेशाब का योनि में मौजूद शुक्राणुओं पर कोई असर नहीं होता।

पेशाब मूत्रमार्ग से निकलती है और शुक्राणु योनि के अंदर के भाग में स्खलित होते हैं।

चूँकि यह दोनों ही मार्ग अलग-अलग होते हैं, इसलिए एक मार्ग में होने वाली कोई भी प्रक्रिया दूसरे मार्ग को प्रभावित नहीं करती।

सेक्स के बाद योनि अंदर से धोना​

चूँकि पुराने जमाने से ही सेक्स के बाद योनि अंदर से धोने को गर्भनिरोध का तरीका माना जाता है, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि न तो यह गर्भनिरोध का विश्वशनीय तरीका है और न ही इससे गर्भधारण पर कोई असर पड़ता है।

इसलिए यदि आप गर्भनिरोध करने के तरीकों को अपनाना चाहती हैं तो इसकी जगह कंडोम, पिल्स आदि जैसे साइंटिफिक तरीकों को अपनाएं।

यह गर्भनिरोध का एक गलत तरीका होने के साथ-साथ आपकी योनि में इन्फेक्शन के खतरे को भी बड़ा सकता है।

इसलिए यदि आप साफ़-सफाई के उद्देश्य से भी योनि को अंदर से धोने की इच्छा रखती हैं तब भी ऐसा न करें। क्योंकि ऐसा करने के कोई खास फायदे नहीं होते और नुकसान होने का खतरा ज्यादा होता है।

सेक्स के बाद स्थिर लेटना​

कई महिलाओं के मन में यह प्रश्न भी होता है कि “क्या सेक्स के बाद हिलने-डुलने से गर्भधारण पर कोई बुरा या अच्छा असर पड़ता है?” इस तरह की प्रजनन तकनीकों पर कुछ शोध भी हुए हैं जो आपके कई भ्रमों को दूर कर सकते हैं।

एक शोध के अनुसार शुक्राणु योनि के अंदर जाने के बाद लम्बे समय तक स्थिर लेटे रहने से कोई ज्यादा फायदा नहीं होता। हालाँकि एक और शोध से यह पता चला है कि सेक्स के बाद 15 मिनट के लिए स्थिर लेटे रहने से गर्भधारण में थोड़ा फायदा मिल सकता है।

इन शोधों से यह निर्णय निकलता है कि सेक्स के बाद शुरुआती 15-20 मिनट के लिए स्थिर रहने से तो गर्भधारण में थोड़ा फायदा मिल सकता है, लेकिन आपको ऐसा घंटों तक करने की कोई आवश्यकता नहीं है और इसके बाद आप जो चाहे वो कर सकती हैं।

आखिरकार, आप चाहे गभधारण करने या इससे बचने के लिए कोई भी कदम उठाती हों, एक बार जब शुक्राणु योनि में चला जाता है तो यह काफी तेजी से अंडे की तरफ तैरता है। और सबसे तेज शुक्राणु को योनि से फैलोपियन ट्यूब तक पहुँचने में 1 मिनट का समय लगता है।

यदि आप गर्भधारण करने की इच्छा रखती हैं, तो सबसे पहली चीज जो आपको करना चाहिए वो है, अपने पीरियड्स के साइकिल को सावधानीपूर्वक ट्रैक करें और सबसे फर्टाइल दिनों में सेक्स करें। ऐसा करने से शुक्राणु को अंडे तक सही समय पर पहुँचने का बेहतर मौका मिलेगा।

इसके विपरीत, यदि आप गर्भधारण से बचने की कोशिश कर रही हैं, तो फर्टाइल दिनों में सेक्स करने से बचें। इसके अलावा आप गर्भनिरोध के अन्य साइंटिफिक तरीकों को भी अपना सकती हैं, जो काफी कारगर होते हैं।

निष्कर्ष

ज्यादातर कपल्स, अपने बच्चे के समय और संख्या की काफी सोच-समझकर प्लानिंग करते हैं। क्योंकि बच्चा पैदा करने का निर्णय आपके जीवन का काफी बड़ा फैसला होता है और आपके जीवन को कई प्रकार से प्रभावित करता है।

इसमें यह याद रखना जरूरी है, कि जब भी शुक्राणु आपकी योनि नलिका के संपर्क में आते हैं, तो आपका गर्भवती होना संभव है, चाहे फिर सेक्स के बाद ज्यादातर वीर्य योनि से बाहर ही क्यों न निकल जाये।

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