सेक्स में दर्द होने के कारण, इलाज और रोकथाम

यौन संभोग के दौरान जननांग क्षेत्र या अंगों में होने वाले दर्द को मेडिकल भाषा में डिस्पेर्यूनिया (Dyspareunia) कहा जाता है। यह दर्द काफी तेज या तीव्र हो सकता है। यह संभोग से पहले, दौरान या बाद में भी हो सकता है।

सेक्स का दर्द पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है। इसके कई संभावित कारण होते हैं, लेकिन इसका इलाज संभव है।

सेक्स में दर्द के कारण क्या हैं?

कई स्थितियां डिस्पेर्यूनिया का कारण बन सकती हैं। कुछ महिलाओं में, यह एक शारीरिक समस्या का संकेत हो सकता है। अन्य महिलाओं में यह भावनात्मक कारकों के परिणामस्वरूप अनुभव हो सकता है।

डिस्पेर्यूनिया के सामान्य शारीरिक कारक निम्न हैं:

  • योनि का सूखापन, प्रसव, स्तनपान, दवाओं का सेवन या संभोग से पहले बहुत कम उत्तेजना होना
  • स्किन विकार जो अल्सर, दरारें, खुजली या जलन का कारण बनते हैं
  • संक्रमण, जैसे कि यीस्ट या मूत्रमार्ग संक्रमण (यूटीआई)
  • प्रसव, दुर्घटना, बच्चेदानी का ऑपरेशन आदि के कारण आघात या चोट लगना
  • वल्वोडायनिया (vulvodynia), जिसमें योनि के मुख पर दर्द होता है
  • योनिशोथ, या योनि में इन्फ्लेमेशन
  • वेजिनीस्मस, या योनि की दीवार की मांसपेशियों का टाइट होना
  • एंडोमेट्रिओसिस (endometriosis), जिसमें योनि के ऊतक बाहर की तरफ बढ़ने लगते हैं
  • मूत्राशयशोध, जिसमें मूत्राशय में सूजन आ जाती है। यह अक्सर संक्रमण के कारण होता है और आमतौर पेशाब में दर्द का कारण बनता है
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी), जो महिलाओं के प्रजनन अंगों का एक इन्फेक्शन होता है
  • गर्भाशय फाइब्रॉएड, जिसमें गर्भाशय या उसके ऊपर असामान्य ऊतकों की वृद्धि होती है
  • रेडिएशन या कीमोथेरपी के कारण

यौन इच्छा को कम करने या किसी व्यक्ति की उत्तेजित होने की क्षमता को प्रभावित करने वाले कारक भी सेक्स में दर्द का कारण बन सकते हैं। यह कारक निम्न हो सकते हैं:

  • तनाव, जिसके परिणामस्वरूप पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं
  • सेक्स से संबंधित डर, अपराधबोध या शर्मिंदगी होना
  • आत्मविश्वास में कमी या खुद से नफरत
  • कुछ दवाएं जैसे गर्भनिरोधक गोलियां
  • रिश्तों में समस्या
  • स्वास्थ्य स्थितियां जैसे कैंसर, गठिया, मधुमेह, और थायराइड रोग
  • भूतकाल में यौन शोषण का शिकार होना

डिस्पेर्यूनिया के लक्षण क्या हैं?

डिस्पेर्यूनिया का दर्द अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग हो सकता है। जैसे:

  • योनि, मूत्रमार्ग, या मूत्राशय में
  • लिंग के योनि में प्रवेश के दौरान
  • संभोग के दौरान या बाद में
  • संभोग के दौरान योनि की काफी गहराई में
  • दर्द रहित संभोग के बाद
  • केवल विशिष्ट पार्टनरों या परिस्थितियों में
  • टैम्पोन के उपयोग के साथ
  • जलन या खुजली के साथ
  • मासिक धर्म की ऐंठन के समान, छुरा घोंपने जैसा दर्द

डिस्पेर्यूनिया का खतरा किसे होता है?

महिलाओं और पुरुषों दोनों को संभोग के दर्द का अनुभव हो सकता है, लेकिन यह महिलाओं में अधिक आम है। रजोनिवृत्त (मासिक धर्म बंद हो चुकी) महिलाओं में यह दर्द सबसे आम होता है।

अमेरिका के ACOG संस्थान के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत महिलाएं कभी न कभी दर्दनाक संभोग का अनुभव करती हैं।

आपमें इसका जोखिम अधिक होगा यदि आप:

  • ऐसी दवाएं लेती हैं जो योनि में सूखापन पैदा करती हों
  • एक वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण है
  • आपका मासिक धर्म बंद हो चुका है या आप रजोनिवृत्ति से गुजर चुकी हैं

डिस्पेर्यूनिया की पहचान कैसे की जाती है?

कई परीक्षण डॉक्टरों को डिस्पेर्यूनिया की पहचान करने में मदद करते हैं। शुरुआत में डॉक्टर आपके सम्पूर्ण यौन व चिकित्सीय इतिहास के बारे में चर्चा करेगा। डॉक्टर आपसे निम्न संभावित प्रश्न पूछ सकता हैं:

  • आपको कब से और कहाँ पर दर्द महसूस हो रहा है?
  • किन पार्टनरों के साथ सेक्स करने पर दर्द होता है?
  • किस सेक्स पोजीशन में दर्द होता है?
  • क्या किसी अन्य गतिविधि के दौरान भी दर्द महसूस होता है?
  • क्या ऐसी अन्य स्थितियां हैं जो आपके दर्द में योगदान दे सकती हैं?

आमतौर पर डॉक्टर आपके पेल्विक एरिया का निरिक्षण भी कर सकता है। परिक्षण के दौरान, डॉक्टर आपके बाहरी और आंतरिक पेल्विक एरिया में निम्न लक्षणों की जाँच करेगा:

  • सूखापन
  • इन्फ्लेमेशन या इन्फेक्शन
  • असामान्य बनावट
  • जननांग मस्से
  • स्कार टिश्यू
  • असामान्य द्रव्यमान
  • असामान्य कोमलता

आंतरिक जांच के लिए एक स्पेकुलम की आवश्यकता होगी, एक उपकरण जिसका उपयोग पैप टेस्ट के दौरान योनि को देखने के लिए किया जाता है। डॉक्टर एक कॉटन के स्वैब के जरिये योनि के विभिन्न क्षेत्रों पर हल्का दबाव डालकर भी देखेगा। इससे दर्द के सही स्थान का पता लगाने में मदद मिलेगी।

प्रारंभिक जाँच के बाद डॉक्टर आपको अन्य टेस्ट करवाने की भी सलाह दे सकता है, जैसे

  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड
  • बैक्टीरिया या यीस्ट संक्रमण की जांच के लिए योनि के नमूने का लैब टेस्ट
  • यूरिन टेस्ट
  • एलर्जी टेस्ट
  • भावनात्मक कारणों की उपस्थिति का पता लगाने के लिए मनोवैज्ञानिक से मिलना

डिस्पेर्यूनिया का इलाज कैसे किया जाता है?

दवाएं

डिस्पेर्यूनिया का उपचार इसके कारण पर आधारित होता है। यदि आपका दर्द किसी अंतर्निहित संक्रमण या स्थिति के कारण होता है, तो डॉक्टर निम्न दवाओं के जरिये इसका इलाज कर सकता है:

  • एंटीबायोटिक्स
  • एंटीफंगल दवाएं
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स की क्रीम या इंजेक्शन

यदि लंबे समय तक दवा लेने के कारण आपकी योनि में सूखापन आ रहा है, तो डॉक्टर आपकी दवाओं में बदलाव ला सकता है। योनि का सूखापन दूर करने की वैकल्पिक दवाएं लेने से योनि की प्राकृतिक चिकनाई बहाल करने में मदद मिल सकती है और दर्द कम हो सकता है।

एस्ट्रोजन के स्तर में कमी के कारण भी कुछ महिलाओं में डिस्पेर्यूनिया हो सकता है। डॉक्टर द्वारा सुझाई गई एक दवा, क्रीम या लचीली रिंग के जरिये योनि में एस्ट्रोजन के स्तर को कुछ हद तक बढ़ाया जा सकता है।

ओस्पेमीफीन (ospemifene) नामक एक एस्ट्रोजन मुक्त दवा, योनि के ऊतकों पर एस्ट्रोजन की तरह काम करती है। यह ऊतकों को मोटा और कम नाजुक बनाने में काफी प्रभावी है। इसलिए इसके जरिये महिलाओं को संभोग के दौरान होने वाले दर्द की मात्रा को कम किया जा सकता है।

घरेलू उपचार

ये घरेलू उपचार भी सेक्स में दर्द के लक्षणों को कम कर सकते हैं:

  • सेक्स के दौरान चिकने तेल या लुब्रीकेंट का उपयोग करें। पानी आधारित लुब्रीकेंट सबसे ज्यादा कारगर होते हैं।
  • सेक्स के दौरान दोनों पार्टनर तनावमुक्त रहें और रिलैक्स होकर सेक्स करें।
  • अपने दर्द के बारे में अपने साथी के साथ खुलकर बात करें।
  • सेक्स से पहले अपने मूत्राशय को खाली करें।
  • सेक्स से पहले गर्म पानी से नहाएं।
  • सेक्स से पहले एक ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवा लें।
  • सेक्स के बाद जलन को शांत करने के लिए योनी के मुख पर आइस पैक लगाएं।

वैकल्पिक थेरेपी

सेक्स में दर्द को कम करने में मदद करने के लिए डॉक्टर आपको कुछ थेरेपी की सलाह भी दे सकता है। इसमें संवेदीकरण (desensitization) थेरेपी और सेक्स थेरेपी सबसे मुख्य हैं।

संवेदीकरण थेरेपी एक शोध आधारित तकनीक है जिसमें आप अपनी योनि को रिलैक्स करने की तकनीकें सीखेंगे, जैसे कि केगेल एक्सरसाइज।

सेक्स थेरेपी में, आप सीख सकते हैं कि कैसे कामुकता को फिर से स्थापित किया जाए और अपने साथी के साथ समन्वय में सुधार किया जाए।

डिस्पेर्यूनिया की रोकथाम

डिस्पेर्यूनिया के लिए कोई विशेष रोकथाम विकल्प नहीं है। लेकिन आप संभोग के दौरान दर्द के जोखिम को कम करने के लिए निम्न कार्य कर सकते हैं:

  • बच्चे के जन्म के बाद, संभोग शुरू करने से पहले कम से कम छह सप्ताह प्रतीक्षा करें।
  • योनि में सूखेपन की समस्या होने पर पानी आधारित लुब्रीकेंट का प्रयोग करें।
  • जननांगों की स्वच्छता का ध्यान रखें।
  • नियमित रूप से यौन संचारित रोगों (एसटीडी) की जाँच करवायें।
  • संभावित यौन संचारित रोगों से बचने के लिए कंडोम या अन्य बाधा विधियों का उपयोग करें।
  • फोरप्ले और उत्तेजना में पर्याप्त समय देकर योनि को प्राकृतिक रूप से चिकना करने का अभ्यास करें।

जब तक सेक्स में दर्द के अंतर्निहित कारणों का इलाज नहीं हो जाता, तब तक आप फोरप्ले सेक्स, ब्लो-जॉब, हैंड-जॉब, किसिंग, आपसी हस्तमैथुन आदि के जरिये अपनी अंतरंगता का आनंद ले सकते हैं।

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