पेशाब में खून आने के कारण, पहचान, उपचार आदि

पेशाब में खून आने की समस्या को मेडिकल भाषा में हेमाट्यूरिया (Hematuria) कहा जाता है।

कई अलग-अलग स्थितियां और बीमारियां हेमाट्यूरिया का कारण बन सकती हैं। इनमें संक्रमण, गुर्दे की बीमारी, कैंसर और दुर्लभ रक्त विकार शामिल हैं।

पेशाब में रक्त दिखाई दे सकता है, या इतनी कम मात्रा में हो सकता है कि इसे नग्न आँखों से देखना संभव नहीं होता।

पेशाब में कितना भी रक्त होना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है, भले ही यह केवल एक बार ही क्यों न निकला हो।

हेमाट्यूरिया को नजरअंदाज करने से कैंसर और किडनी की बीमारी जैसी गंभीर स्थितियाँ और ज्यादा बिगड़ सकती हैं, इसलिए आपको जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

डॉक्टर आपके मूत्र का उचित विश्लेषण कर सकता है और हेमाट्यूरिया के कारण को निर्धारित करने और उपचार की योजना बनाने के लिए इमेजिंग टेस्ट करवाने की सलाह दे सकता है।

हेमाट्यूरिया के प्रकार क्या हैं?

हेमाट्यूरिया के दो मुख्य प्रकार हैं: सकल हेमाट्यूरिया और सूक्ष्म हेमाट्यूरिया।

सकल हेमाट्यूरिया

यदि आपकी पेशाब में इतना रक्त है कि वह गुलाबी या लाल दिखाई देती है या रक्त के धब्बे दिखाई देते हैं, तो आपको “सकल हेमाट्यूरिया” है।

सूक्ष्म हेमाट्यूरिया

जब आपकी पेशाब में रक्त दिखाई नहीं देता क्योंकि यह बहुत कम मात्रा में होता है, तो आपको “सूक्ष्म हेमाट्यूरिया” है। केवल एक लैब टेस्ट जो नमूने में रक्त की मौजूदगी का पता लगा सकता हो, सूक्ष्म हेमट्यूरिया होने की पुष्टि कर सकता है।

हेमाट्यूरिया के क्या कारण हैं?

हेमाट्यूरिया होने के कई संभावित कारण होते हैं। कुछ मामलों में तो रक्त एक अलग स्रोत से निकलकर मूत्र में मिल सकता है।

पेशाब में तब भी रक्त आ सकता है, जब यह महिलाओं में योनि से, पुरुषों में स्खलन के दौरान और महिला व पुरुष दोनों में मल त्याग के दौरान आ रहा हो।

यदि रक्त केवल आपके मूत्र में है, तो इसके कई संभावित कारण हो सकते हैं, जैसे:

मूत्रमार्ग संक्रमण

मूत्रमार्ग संक्रमण हेमाट्यूरिया के सबसे आम कारणों में से एक है। संक्रमण आपकी मूत्रमाहिनी, मूत्राशय या किडनी में कहीं भी हो सकता है।

यह संक्रमण तब होता है, जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग में मूत्र को शरीर से बाहर निकालने वाली मूत्रवाहिनी के ऊपर की ओर बढ़ते हैं। यह संक्रमण मूत्राशय और यहां तक कि गुर्दों में भी फैल सकता है। यह अक्सर पेशाब में दर्द का कारण बनता है और आपको बार-बार पेशाब लगती है।

पथरी

पेशाब में खून आने का एक और आम कारण मूत्राशय या गुर्दे में पथरी की उपस्थिति है। यह क्रिस्टल होते हैं जो आपके मूत्र में मौजूद खनिजों (मिनरल्स) से बनते हैं। यह आपके गुर्दे या मूत्राशय के अंदर विकसित हो सकते हैं।

बड़ी पथरी मूत्रमार्ग में रुकावट पैदा कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर व्यक्ति को अत्यधिक दर्द होता है और हेमाट्यूरिया हो जाता है।

बड़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि

मध्यम आयु वर्ग और अधिक उम्र के पुरुषों में, हेमाट्यूरिया का एक सामान्य कारण एक बड़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि होती है। यह ग्रंथि मूत्राशय के ठीक नीचे और मूत्रवाहिनी के पास होती है।

जब प्रोस्टेट ग्रंथि बड़ी हो जाती है, जैसा कि अक्सर मध्यम आयु में पुरुषों में होता है, तो यह मूत्रवाहिनी पर दबाव डालकर उसे संकुचित कर देती है। इससे पेशाब करने में समस्या पैदा होती है और मूत्राशय पूरी तरह से खाली नहीं हो पाता।

इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को मूत्रमार्ग संक्रमण होने साथ-साथ, उसकी पेशाब में रक्त आने लगता है।

गुर्दे की बीमारी

पेशाब में रक्त निकलने का एक कम आम कारण है कोई गुर्दे की बीमारी होना। एक रोगग्रस्त या सूजा हुआ गुर्दा व्यक्ति में हेमाट्यूरिया का कारण बन सकता है। यह रोग खुद से हो सकता है, या डायबिटीज जैसे रोग के कारण विकसित हो सकता है।

6 से 10 वर्ष की आयु के बच्चों में, पोस्ट-स्ट्रेप्टोकोकल ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (post-streptococcal glomerulonephritis) नामक गुर्दे का विकार हेमाट्यूरिया का कारण बन सकता है। यह एक ऑटोइम्यून विकार होता है, जो तब होता है जब बच्चे के गले में खराश होने पर एक से दो हफ़्तों तक उसका इलाज नहीं करवाया जाता। हालाँकि आज के जमाने में यह विकार काफी दुर्लभ है, क्योंकि एंटीबायोटिक दवाओं के जरिये गले की खराश का आसानी से इलाज किया जा सकता है।

कैंसर

मूत्राशय, गुर्दे या प्रोस्टेट कैंसर के कारण भी पेशाब में रक्त आ सकता है। यह एक लक्षण है जो अक्सर कैंसर की उन्नत स्टेज में होता है। यह कैंसर होने का शुरुआती लक्षण नहीं होता।

दवाएं

कुछ दवाएं हेमाट्यूरिया का कारण बन सकती हैं। इसमें कुछ सबसे आम निम्न हैं:

  • पेनिसिलिन (penicillin)
  • एस्पिरिन (aspirin)
  • हेपरिन (heparin) और वार्फरिन (warfarin) जैसी रक्त को पतला करने वाली दवाएं
  • साइक्लोफॉस्फेमाइड (cyclophosphamide), जो कुछ प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है

कम आम कारक

हेमाट्यूरिया के कुछ अन्य कारक भी हैं, जो बहुत आम नहीं हैं। सिकल सेल एनीमिया, एलपोर्ट सिंड्रोम और हीमोफिलिया जैसे दुर्लभ रक्त विकार पेशाब में खून आने का कारण बन सकते हैं।

जोरदार एक्सरसाइज करना या गुर्दों को झटका लगना भी पेशाब में खून आने का कारण बन सकता है।

हेमाट्यूरिया के कारण की पहचान कैसे की जाती है?

यदि हेमाट्यूरिया होने पर आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो वह आपसे पेशाब में निकलने वाली खून की मात्रा और यह पेशाब के दौरान कब निकलता है, के बारे में पूछेगा।

वह यह भी जानना चाहेगा कि आप कितनी बार पेशाब करते हैं, कोई दर्द जो आप अनुभव कर रहे हैं, क्या आपको खून के थक्के दिखाई देते हैं, और आप कौन सी दवाएं ले रहे हैं।

इसके बाद डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करेगा और लैब टेस्ट के लिए पेशाब का एक नमूना लेगा। आपकी पेशाब का लैब टेस्ट इसमें खून की उपस्थिति की पुष्टि कर सकता है और इंफेक्शन होने पर बैक्टीरिया की मौजूदगी का पता लगा सकता है।

आपका डॉक्टर सीटी स्कैन जैसे इमेजिंग टेस्ट की सलाह भी दे सकता है, जो आपके शरीर के अंदरूनी भागों की एक छवि बनाने के लिए रेडिएशन का उपयोग करता है।

एक और अन्य संभावित टेस्ट जो आपका डॉक्टर करवाना चाह सकता है, वह है सिस्टोस्कोपी। इस टेस्ट में आपके मूत्रमार्ग में एक छोटी ट्यूब डाली जाती है, जिसके मुख पर एक कैमरा लगा होता है। कैमरे के जरिये, डॉक्टर आपके मूत्राशय और मूत्रवाहिनी के आंतरिक भाग की जांच करके हेमाट्यूरिया के कारण का पता लगा सकता है।

मुझे डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

चूँकि पेशाब में खून आने के कुछ कारण गंभीर होते हैं, इसलिए इसके पहली बार दिखने पर ही आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आपको अपनी पेशाब में खून की थोड़ी सी मात्रा को भी नज़रअंदाज नहीं करना चाहिए।

यदि आपकी पेशाब में खून नहीं आता है, लेकिन आपको बार-बार, मुश्किल से या दर्दनाक पेशाब होने के साथ-साथ, पेट में दर्द या गुर्दे में दर्द का अनुभव होता है, तब भी आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।

यदि आप पेशाब नहीं कर पा रहे हैं, पेशाब करते समय खून के धक्के निकल रहे हैं या पेशाब में खून के साथ निम्नलिखित चीजें देख रहे हैं, तो तुरंत आपातकालीन मेडिकल सहायता लें:

  • जी मचलना
  • उल्टी
  • बुखार
  • ठंड लगना
  • आपके कूल्हे, पीठ, या पेट में दर्द है

हेमाट्यूरिया का इलाज कैसे किया जाता है?

आपके हेमाट्यूरिया का कारण यह निर्धारित करेगा कि आपको किस प्रकार के उपचार की आवश्यकता है।

यदि कोई संक्रमण, जैसे कि मूत्र मार्ग संक्रमण, आपके हेमाट्यूरिया के लिए जिम्मेदार है, तो डॉक्टर संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक दवाएं लिखेगा।

गुर्दे की बड़ी पथरी के कारण होने वाले हेमाट्यूरिया को यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो यह काफी दर्दनाक हो सकता है। डॉक्टर की दवाएं और उपचार आपकी पथरी निकालने में मदद कर सकते हैं।

डॉक्टर पथरी को तोड़ने के लिए एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ESWL) नामक प्रक्रिया का उपयोग करने का सुझाव दे सकता है।

ESWL में गुर्दे की पथरी को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग एक घंटे का समय लगता है और इस दौरान आपको एक हल्की बेहोशी की दवा दी जा सकती है।

डॉक्टर आपकी पथरी निकालने के लिए यूरेट्रोस्कोप नामक उपकरण का उपयोग भी कर सकता है। इस उपकरण में एक कैमरा लगा होता है जो पथरी की जगह का पता लगाने में मदद करता है। यदि पथरी बड़ी होती है तो उसे तोड़कर बाहर निकाला जायेगा।

यदि बड़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि के कारण आपको हेमाट्यूरिया हुआ है, तो डॉक्टर आपको कुछ दवाएं लिख सकता है, जैसे अल्फा ब्लॉकर्स या 5-अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर। कुछ मामलों में, सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।

हेमाट्यूरिया से जुड़ी संभावित जटिलताएं क्या हैं?

पेशाब में खून आने के कुछ कारण गंभीर होते हैं, इसलिए अगर आपको यह लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

यदि इसका कारण कैंसर है, तो इसे अनदेखा करने पर ट्यूमर इस हद तक बढ़ सकता है कि उपचार मुश्किल और महंगा हो जाता है।

अनुपचारित संक्रमण अंततः गुर्दों में फैल सकता है।

यदि बड़े हुए प्रोस्टेट के कारण पेशाब में खून आ रहा है, तो उपचार लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। इसे नज़रअंदाज करने से बार-बार पेशाब करने की समस्या, तेज दर्द और यहां तक कि कैंसर तक की परेशानी हो सकती है।

मैं हेमाट्यूरिया की रोकथाम कैसे करूँ?

हेमाट्यूरिया की रोकथाम करने का मतलब है, इसके अंतर्निहित कारणों को रोकना:

  • संक्रमण से बचाव के लिए रोजाना खूब पानी पिएं, संभोग के तुरंत बाद पेशाब करें और अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें।
  • पथरी बनने से रोकने के लिए, खूब पानी पिएं और अधिक नमक और कुछ खाद्य पदार्थों जैसे पालक और रेवनचीनी के सेवन से बचें।
  • मूत्राशय के कैंसर की सम्भावना को कम करने के लिए, धूम्रपान से परहेज करें, रसायनों के संपर्क को सीमित करें और खूब पानी पिएं।

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