लिंग पर जैतून का तेल लगाने के फायदे नुकसान

जब भी कोई व्यक्ति सेक्स या मालिश के दौरान अपने लिंग पर लगाने योग्य सही लुब्रीकेंट की खोज करता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में एक ही सवाल आता है “क्या इसे लिंग पर लगाना सही होगा?”

जैतून के तेल में लेटेक्स कंडोम को घोलने की क्षमता होती है, जिससे संक्रमण और अनचाहे गर्भ का खतरा बढ़ सकता है।

साथ ही, यह महिला की योनि के pH लेवल पर भी प्रभाव डाल सकता है।

इसलिए, जैतून के तेल को सेक्स के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

हालाँकि, जब बात सिर्फ लिंग की मालिश की आती है, तो जैतून का तेल कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल और आवश्यक ओमेगा फैटी एसिड्स होते हैं, जो लिंग को पोषण देते हैं।

इस लेख में, हम जैतून के तेल को लिंग पर लगाने के फायदे और नुकसानों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

साथ ही, हम कुछ अन्य अच्छे लुब्रीकेंट विकल्पों की सूची भी प्रदान करेंगे।

क्या जैतून के तेल को लुब्रीकेंट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है?

जैतून का तेल काफी गाढ़ा और चिकना तरल पदार्थ होता है। और तकनीकी रूप से व्यक्ति किसी भी तरल पदार्थ या जेल को सेक्सुअल लुब्रीकेंट या लिंग की मालिश के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

लेकिन आपको सेक्स के दौरान जैतून के तेल इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि यह लेटेक्स कंडोम और डेंटल डेम्स को नुकसान पहुँचा सकता है। यह नुकसान इन वस्तुओं के फटने या टूटने का कारण बन सकता है, जिससे गर्भावस्था या यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसके अलावा, जैतून का तेल स्किन के रोमछिद्रों को भी बंद कर सकता है। बंद रोमछिद्र ब्रेकआउट या जलन पैदा कर सकते हैं, जिससे लिंग, योनि और गुदा के अंदर या उनके आस-पास संक्रमण हो सकता है।

सेक्स के बाद सफाई करना भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है, क्योंकि जैतून का तेल पानी में घुलनशील नहीं होता, जिसका मतलब है कि इसे साफ़ करने में अधिक समय लग सकता है।

साथ ही, किसी भी प्रकार के तेल में कपड़ों पर दाग लगाने की क्षमता होती है, इसलिए जैतून का तेल कपड़ों और चादरों पर निशान छोड़ सकता है।

इसके अलावा शरीर के लिए जैतून के तेल के प्रभावों पर हुए अध्ययनों में भी काफी मिश्रित परिणाम सामने आये हैं।

उदाहरण के लिए, कुछ अध्ययनों में इस बात के प्रमाण मिले हैं कि जैतून के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सिडेंट और कार्डियोप्रोटेक्टिव प्रभाव होते हैं।

2016 में चूहों पर हुए एक शोध में, शोधकर्ताओं ने पाया कि जैतून का तेल लम्बे समय तक स्किन में दबाव के कारण पैदा हुए अल्सर के उपचार में मदद करता है। शोध पत्र के अनुसार, जैतून का तेल ऑक्सीडेटिव डैमेज और सूजन को कम करके स्किन के पुनर्जनन को बढ़ावा देता है।

वहीं दूसरी ओर, 2018 में ताइवान के डॉक्टरों द्वारा पब्लिश किये एक समीक्षा लेख अनुसार, जैतून का तेल स्किन की बाहरी परत को नुकसान पहुँचाता है। यह परत बाहरी वातावरण से शरीर की रक्षा करती है।

लुब्रीकेंट का उपयोग क्यों करें?

बहुत से लोग अपने लिंग की मालिश को सरल या सेक्स अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लुब्रीकेंट का उपयोग करते हैं। लुब्रीकेंट चिकनाहट पैदा करता, जिससे मालिश आसान हो जाती है और सेक्स के दौरान असहज घर्षण कम होता है।

लुब्रीकेंट के बिना सेक्स करने से लिंग, योनि और गुदा की नाजुक परतों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर से गुदा सेक्स या रफ़ योनि सेक्स के दौरान।

हालाँकि लिंग और योनि स्वाभाविक रूप से उत्तेजना के दौरान लुब्रीकेंट पैदा करते हैं, लेकिन कई महिलाओं को योनि के सूखेपन की समस्या होती है।

योनि के सूखेपन में कई कारक हो सकते हैं, जैसे:

  • रजोनिवृत्ति
  • दवाओं के दुष्प्रभाव, जैसे हार्मोनल गर्भ निरोध
  • डिहाइड्रेशन
  • कुछ मेडिकल समस्याएं
  • कीमोथेरेपी से गुजरना
  • धूम्रपान करना

लुब्रीकेंट का उपयोग करने से दोनों सेक्स पार्टनर्स के समग्र सेक्स अनुभव में सुधार हो सकता है।

हालांकि, कुछ लुब्रीकेंट योनि के प्राकृतिक pH संतुलन को बदल सकते हैं। इसलिए हमेशा भरोसेमंद कंपनी का लुब्रीकेंट खरीदें और इसे उपयोग करने से पहले टेस्ट करके देखें।

अन्य वैकल्पिक लुब्रीकेंट

बेहतर लुब्रीकेंट विकल्पों में पर्सनल लुब्रीकेंट प्रोडक्ट्स और पानी से बने प्राकृतिक जेल शामिल हैं।

आपके लिए कौन सा लुब्रीकेंट सही होगा, यह आपकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। फिर चाहे आप कंडोम इस्तेमाल करते हों या नहीं। आपको बस इतना ध्यान रखना है कि कंडोम के साथ किसी तेल से बने लुब्रीकेंट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि तेल कंडोम को घोल सकता है।

पानी आधारित लुब्रीकेंट

पानी आधारित लुब्रीकेंट कंडोम को नुकसान नहीं पहुँचाते। साथ ही, इनका लिंग की स्किन पर कोई दुष्प्रभाव होने की सम्भावना भी काफी कम होती है।

हालांकि, यह तेल आधारित उत्पादों की तुलना में जल्दी सूख जाते हैं।

पानी आधारित लुब्रीकेंट चुनते समय, आपको बस यह ध्यान रखना है कि इसमें मौजूद किसी सामग्री से आपको या आपकी पार्टनर को एलर्जी तो नहीं।

2015 में हुए एक शोध के अनुसार, उच्च नमक सांद्रता वाले पानी आधारित लुब्रीकेंट (हाइपरोस्मोलर) गुदा की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इससे संक्रमण और यौन संचारित रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि, इस शोध के लेखकों ने यह निष्कर्ष भी निकाला कि हाइपरोस्मोलर पानी आधारित लुब्रीकेंट एचआईवी के जोखिम को नहीं बढ़ाते।

सिलिकॉन आधारित लुब्रीकेंट

जो पहले से लुब्रीकेंट युक्त कंडोम आते हैं, उनमें से ज्यादातर में सिलिकॉन आधारित लुब्रीकेंट होता है। क्योंकि यह लेटेक्स को नुकसान नहीं पहुँचाता।

साथ ही, यह पानी आधारित लुब्रीकेंट के मुक़ाबले ज्यादा देर तक टिकता है, इसलिए लिंग की मालिश हो या सेक्स दोनों ही मामलों में यह कई लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प होता है।

हालाँकि, सिलिकॉन आधारित लुब्रीकेंट भी कपड़ों पर दाग लगा सकते हैं और इन्हें धोना मुश्किल होता है, क्योंकि यह पानी के साथ प्रतिक्रिया नहीं करते।

इन लुब्रीकेंट्स को योनि और गुदा से बाहर निकलने में भी कुछ समय लग सकता है, जिससे लूब्रिकेंट में बैक्टीरिया के फंस जाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

अन्य लुब्रीकेंट जिनसे बचना चाहिए

सामान्य तौर पर, लोगों को ऐसी किसी भी चीज़ का उपयोग करने से बचना चाहिए, जो निर्माताओं द्वारा सेक्स लुब्रीकेंट के रूप में न बनाई गई हो।

हालाँकि, पानी वाले प्राकृतिक उत्पाद जैसे एलोवेरा जेल, पर्सनल लुब्रीकेंट के प्रभावी विकल्प के रूप में काम कर सकते हैं।

यदि आप कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको किसी भी तेल से बने लुब्रीकेंट या जिनमें फैट या ग्रीज हो, उनसे बचना चाहिए।

आपको मुख्य रूप से निम्न पदार्थों को लिंग की मालिश या सेक्स लुब्रीकेंट के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए –

निष्कर्ष

सेक्स लुब्रीकेंट या लिंग की मालिश के लिए जैतून का तेल एक अच्छा विकल्प प्रतीत हो सकता है। लेकिन जैतून के तेल को स्किन पर कहीं भी लगाने की सलाह हम नहीं देते।

हालाँकि खाने के रूप में इस्तेमाल करने से जैतून के तेल के लिंग और सेक्स हेल्थ के लिए कई फायदे होते हैं।

जैतून के तेल का सबसे बड़ा नुकसान यह है, कि यह लेटेक्स कंडोम को फाड़ सकता है।

यह स्किन के प्राकृतिक कार्यों को भी कमजोर कर सकता है और रोम छिद्रों को बंद कर सकता है, जिसके फलस्वरूप स्किन पर फोड़े-फुंसी और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

साथ ही, किसी भी तेल को पानी से साफ करना काफी मुश्किल होता है, इसलिए यह कपड़ों पर दाग-धब्बे छोड़ देते हैं।

हालाँकि तकनीकी रूप से जैतून के तेल को लिंग की मालिश या सेक्स लुब्रीकेंट के रूप में इस्तेमाल करना संभव है। लेकिन पानी या सिलिकॉन आधारित लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प होता है।

आजकल दुकानों और ऑनलाइन स्टोर्स पर कई सुरक्षित और प्रभावी लुब्रीकेंट उपलब्ध होते हैं, जिनमें से आप अपनी व्यक्तिगत पसंद और अन्य लोगों के रिव्यु के आधार पर चुनाव कर सकते हैं।

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