लिंग में यीस्ट इंफेक्शन होने के कारण, लक्षण, बचाव और इलाज

यीस्ट इंफेक्शन को अक्सर महिलाओं में होने वाली स्वास्थ्य समस्या के रूप में जाना जाता है, लेकिन यह पुरुषों को भी प्रभावित कर सकती है।

एक लिंग यीस्ट इंफेक्शन का यदि समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो यह दर्दनाक, असुविधाजनक और संभावित रूप से शर्मनाक लक्षणों की एक विस्तृत श्रृंखला को जन्म दे सकता है।

यदि इंफेक्शन आपके रक्त में फैल जाता है, तो यह आपमें गंभीर जटिलताएं भी पैदा कर सकता है।

ओवर-द-काउंटर दवाएं (जिन्हें डॉक्टर के पर्चे की जरूरत नहीं पड़ती), अक्सर एक यीस्ट इंफेक्शन को दूर कर सकती हैं, और कुछ बुनियादी रोकथाम कदम उठाकर आप इस समस्या से बचे रह सकते हैं।

लक्षण

लिंग यीस्ट इंफेक्शन के शुरुआती लक्षणों में अक्सर लिंग पर लाल चकत्ते या कभी-कभी सफेद चमकदार धब्बे बनते हैं।

लिंग की स्किन नम हो सकती है, और फोरस्किन के नीचे एक गाढ़ा सफेद पदार्थ पाया जा सकता है।

आप अपने लिंग पर खुजली और जलन का अनुभव भी कर सकते हैं।

लिंग में लाली, खुजली और दर्द किसी अन्य गंभीर समस्या के संकेत भी हो सकते हैं, जिनमें कुछ यौन संचारित रोग (एसटीडी) भी शामिल हैं, इसलिए लक्षणों के प्रकट होने के बाद उन्हें अनदेखा न करें।

एक मूत्र रोग विशेषज्ञ (यूरोलॉजिस्ट) इस समस्या की सही पहचान करने में मदद कर सकता है।

कारण

यीस्ट इंफेक्शन कैंडिडा (candida) नामक फंगस के कारण होता है।

आमतौर पर कैंडिडा की एक छोटी मात्रा हमारे शरीर पर हमेशा मौजूद होती है। इसकी अतिवृद्धि होने पर स्किन में यीस्ट इंफेक्शन हो जाता है।

स्किन का एक नम वातावरण कैंडिडा की अतिवृद्धि के लिए सहायक होता है।

लिंग में यीस्ट इंफेक्शन होने के सबसे आम कारणों में से एक है – योनि के यीस्ट इंफेक्शन से ग्रसित महिला के साथ असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करना।

यौन गतिविधि के बिना भी आपमें यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है। उदाहरण के लिए, लिंग की साफ-सफाई का ठीक से ध्यान न रखने के कारण आपमें यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

अन्य कारक

यीस्ट इंफेक्शन से ग्रसित महिला के साथ सेक्स करने के अलावा, कई अन्य जोखिम कारक भी लिंग में यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना को बढ़ा सकते हैं।

लिंग का खतनारहित होना एक प्रमुख जोखिम कारक है, क्योंकि फोरस्किन के नीचे का क्षेत्र कैंडिडा के लिए एक अच्छा प्रजनन स्थान हो सकता है।

यदि आप नियमित रूप से स्नान नहीं करते हैं या अपने जननांगों को ठीक से साफ नहीं करते हैं, तो भी आप खुद को इस इंफेक्शन के जोखिम में डालते हैं।

अन्य जोखिम कारकों में लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करना, मधुमेह होना या मोटापे से ग्रस्त होना शामिल हैं।

यदि कैंसर के उपचार, एचआईवी या किसी अन्य कारण से आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया है, तब भी आपमें यीस्ट इंफेक्शन होने की सम्भावना ज्यादा होगी।

पहचान

आपका डॉक्टर आपके जननांगों की जांच करेगा और आपके लक्षणों की समीक्षा करेगा।

लिंग पर बनने वाले कुछ सफेद पदार्थ की सूक्ष्मदर्शी जाँच या लैब टेस्ट किया जा सकता है, ताकि पता चल सके कि आपमें किस प्रकार की फंगस है।

यदि आपने अभी तक डॉक्टर या मूत्र रोग विशेषज्ञ से जाँच नहीं कराई है, तो तत्काल जाँच करवाएं।

जितनी जल्दी समस्या की पहचान करके उसका उपचार शुरू होता है, आपमें जटिलताएँ होने की सम्भावना भी उतनी ही कम होती है।

उपचार

ज्यादातर मामलों में, इंफेक्शन को दूर करने के लिए टोपिकल एंटिफंगल मलहम और क्रीम पर्याप्त हैं।

यीस्ट इंफेक्शन के लिए अनुशंसित कुछ एंटिफंगल क्रीम में निम्न हैं:

  • मिकोनाजोल (miconazole)
  • इमिडाजोल (imidazole)
  • क्लोट्रिमेज़ोल (clotrimazole)

इनमें से अधिकांश ओवर-द-काउंटर दवाओं के रूप में उपलब्ध हैं, यानी आपको इन्हें खरीदने के लिए डॉक्टर के पर्चे की आवश्यकता नहीं होगी।

अधिक गंभीर, या लंबी अवधि के इंफेक्शन के लिए डॉक्टर के पर्चे की शक्तिशाली दवा की आवश्यकता हो सकती है।

अक्सर गंभीर इंफेक्शन में डॉक्टर फ्लुकोनाज़ोल (fluconazole) मौखिक दवा और हाइड्रोकार्टिसोन (hydrocortisone) क्रीम लिखते हैं, खासतौर से तब जब यदि इंफेक्शन बैलेनाइटिस नामक अधिक गंभीर इंफेक्शन में बदल गया हो।

कभी-कभी यीस्ट इंफेक्शन ठीक होने के बाद फिर से हो जाता है। यदि ऐसा होता है, तो आपका डॉक्टर कुछ हफ़्ते के दैनिक उपचार के बाद कुछ महीनों के लिए साप्ताहिक जांच करवाने की सलाह देगा।

ज्यादातर एंटीफंगल क्रीम के कोई गंभीर दुष्प्रभाव होने की सम्भावना नहीं होती। हालाँकि, हमेशा क्रीम के लेबल की जाँच करें और विश्वशनीय कंपनी की क्रीम ही खरीदें। साथ ही, अपने डॉक्टर और मेडिकल स्टोर वाले से पूछें कि क्रीम की खराब प्रतिक्रिया होने पर आपको क्या करना चाहिए।

यदि आपका इंफेक्शन किसी भी एंटीफंगल क्रीम के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया नहीं देता है और आपका खतना नहीं हुआ है, तो डॉक्टर आपको खतना सर्जरी कराने की सलाह दे सकता है। हालाँकि यह सर्जरी आमतौर पर छोटे बच्चों में की जाती है, लेकिन यह किसी भी उम्र के पुरुष के लिए पूरी तरह से सुरक्षित होती है।

एंटीफंगल क्रीम का उपयोग करने के साथ-साथ, अतिरिक्त मदद के लिए आपको अच्छी स्वच्छता का भी अभ्यास करना चाहिए।

मधुमेह और कम इम्यून ताकत जैसे कारक आपके यीस्ट इंफेक्शन के जोखिम में अतिरिक्त योगदान कर सकते हैं।

यदि आपको मधुमेह है, तो अपने शुगर लेवल को नियंत्रित रखना सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर की मदद लें।

यदि आपकी इम्यून ताकत कम है, तो भी आपको डॉक्टर से मदद लेने की आवश्यकता होगी।

जटिलताएँ

लिंग के यीस्ट इंफेक्शन की सबसे बड़ी संभावित जटिलताओं में से एक है बैलेनाइटिस होना।

बैलेनाइटिस लिंग के मुठ और फोरस्किन में होने वाली सूजन होता है। मधुमेह होने पर बैलेनाइटिस का जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है।

यदि बैलेनाइटिस का समय पर प्रभावी ढंग से इलाज नहीं किया जाता है, तो लिंग की स्किन पर स्कार टिश्यू बन सकते हैं।

स्कार टिश्यू डेड सेल्स का एक गुच्छा होते हैं, जो अक्सर चोट लगने के बाद उसे ढकने के लिए पपड़ी के रूप में बनते हैं।

लेकिन लिंग और फोरस्किन को यह स्कार टिश्यू चिपकाने का कार्य कर सकते हैं। यह स्थिति दर्दनाक हो सकती है और पेशाब करने में समस्या पैदा कर सकती है।

उपचार न करने पर, बैलेनाइटिस के कारण लिंग के मुठ में अत्यधिक सूजन और दर्द के साथ-साथ कमजोरी और थकान भी हो सकती है।

एक यीस्ट इंफेक्शन रक्त प्रवाह में भी प्रवेश कर सकता है, जिसे कैंडिडिमिया (candidemia) या इनवेसिव कैंडीडायसिस (invasive candidiasis) कहा जाता है।

यह उन पुरुषों में सबसे आम है जो इंफेक्शन का समय पर इलाज नहीं करवाते। यह उन पुरुषों में भी आम है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।

यदि आप अस्पताल में भर्ती हैं और पेशाब करने के लिए कैथेटर का उपयोग करते हैं, तो आपको इनवेसिव कैंडीडायसिस होने संभावना ज्यादा हो सकती है।

यीस्ट इंफेक्शन का यह उन्नत रूप बहुत गंभीर होता है और इसके इलाज के लिए आपको कई हफ्तों तक मौखिक एंटीफंगल दवाओं का सेवन करना पढ़ सकता है।

कुछ मामलों में, दवाओं को सीधे नसों के अंदर इंजेक्ट करना पड़ता है।

समय सीमा

यदि आपके इंफेक्शन का जल्दी इलाज किया जाता है और एंटीफंगल दवा की अच्छी प्रतिक्रिया होती है, तो यह एक सप्ताह के भीतर ठीक हो सकता है।

यदि आप यौन रूप से सक्रिय हैं, तो पुन: इंफेक्शन से बचने के लिए आपकी साथी को भी यीस्ट इंफेक्शन का इलाज कराना चाहिए। आपकी साथी को यीस्ट इंफेक्शन न हो या उससे आपको न फैला हो तब भी एहतियात के रूप में उसका इलाज आवश्यक है।

यदि आपको बार-बार यीस्ट इंफेक्शन होता है और आप निश्चित हैं कि इसका कारण स्वच्छता या यौन संपर्क नहीं हैं, तो अन्य संभावित कारणों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। हो सकता है कि आपको कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्या जैसे मधुमेह हो, जो इस इंफेक्शन का कारण बन रही हो।

आमतौर पर पुरुषों में महिलाओं की तुलना में यीस्ट इंफेक्शन होने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन फिर भी आपको यह जानकारी होना आवश्यक है कि यह इंफेक्शन कैसे फैलता है और इसके सामान्य लक्षणों को कैसे पहचाना जाता है।

रोकथाम

यीस्ट इंफेक्शन से ग्रसित महिला के साथ यौन संपर्क से बचकर आप अपने लिंग को इंफेक्शन से बचा सकते हैं।

यदि आपको खुद सक्रिय यीस्ट इंफेक्शन है तो इसके पूरी तरह से ठीक होने तक किसी के भी साथ यौन संबंध बनाने से बचना चाहिए।

यीस्ट इंफेक्शन से बचने या एक दूसरे को फैलाने से बचने के लिए, निम्न कार्य करें:

  • सेक्स के दौरान कंडोम पहनें।
  • अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड के अलावा किसी और के साथ सेक्स न करें।
  • अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें, और अपने लिंग और जननांगों को साफ और सूखा रखें।
  • यदि आपका खतना नहीं हुआ है, तो फोरस्किन के नीचे सॉफ्ट साबुन और पानी से साफ करें। साफ करने के बाद एक साफ कपड़े लिंग को अच्छी तरह से सुखा लें।

निष्कर्ष

लिंग में यीस्ट इंफेक्शन होना असामान्य है या इसके होने की सम्भावना कम होती है।

यह आमतौर पर लिंग की ठीक से साफ-सफाई न करने या किसी यीस्ट इंफेक्शन से ग्रसित महिला के साथ सेक्स करने से होता है।

इसके लक्षणों में लिंग के मुठ पर छोटे सफेद धब्बे और फोरस्किन पर लालिमा, खुजली या जलन होना शामिल हैं।

अधिकतर मामलों में, टोपिकल एंटीफंगल क्रीम इस इंफेक्शन का इलाज कर सकती है।

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