लिंग में दर्द के संभावित कारण और उपचार

लिंग का दर्द इसके आधार, शाफ्ट या मुठ को प्रभावित कर सकता है। यह फोरस्किन को भी प्रभावित कर सकता है।

दर्द के साथ आपको खुजली, जलन या झुनझुनी की अनुभूति हो सकती है।

लिंग का दर्द किसी दुर्घटना या बीमारी का परिणाम हो सकता है और यह किसी भी उम्र के पुरुष को प्रभावित कर सकता है।

दर्द की तीव्रता इसके होने वाले कारण पर निर्भर करती है।

यदि आपके लिंग में कोई चोट लगी है, तो दर्द गंभीर और अचानक हो सकता है।

यदि आपको कोई बीमारी या स्वास्थ्य समस्या है, तो दर्द हल्का हो सकता है और धीरे-धीरे बढ़ सकता है।

लिंग में किसी भी प्रकार का दर्द चिंता का कारण है, खासकर अगर यह लिंग खड़ा होने के दौरान होता है, पेशाब को रोकता है, अनिच्छुक डिस्चार्ज होता है या इसके साथ लिंग में घाव, लालिमा या सूजन है।

लिंग में दर्द के संभावित कारण

पेयरोनी बीमारी

पेयरोनी की बीमारी तब शुरू होती है जब एक इन्फ्लेमेशन के कारण लिंग के ऊपरी या निचले किनारों पर स्कार टिश्यू की एक पतली परत बन जाती है, जिसे प्लाक कहा जाता है।

चूंकि यह स्कार टिश्यू वहाँ बनते हैं जहाँ आपके लिंग को खड़ा करने वाले टिश्यू मौजूद होते हैं, इसलिए आप देखेंगे कि आपका लिंग खड़ा होने पर अत्यधिक टेड़ा हो जाता है।

यह रोग तब हो सकता है जब आपके लिंग में चोट लगने के कारण आंतरिक रक्त स्त्राव हो गया हो, आपमें कोई कनेक्टिव टिश्यू संबंधी विकार हो, या आपके लिम्फेटिक सिस्टम या रक्त वाहिकाओं में इन्फ्लेमेशन हो।

यह रोग कुछ लोगों में पारिवारिक हो सकता है या रोग का कारण अज्ञात हो सकता है।

प्रियपिज्म (Priapism)

प्रियपिज्म बीमारी में आपका लिंग काफी लम्बे समय तक खड़ा रहता है और इसमें दर्द होता है।

यह लिंग का खड़ापन तब भी हो सकता है जब आपमें उत्तेजना और सेक्स की इच्छा न हो।

अमेरिका की मायो क्लिनिक के अनुसार आमतौर पर यह समस्या 30 साल के आसपास के पुरुषों में होती है।

यदि आपको प्रियपिज्म है तो इसका तुरंत इलाज करवाना आवश्यक है। क्योंकि इसके दीर्घकालिक प्रभावों के कारण आपके लिंग के खड़ा होने की क्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है।

प्रियपिज्म के निम्न कारण हो सकते हैं:

  • इरेक्शन की समस्याओं या डिप्रेशन के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं के दुष्प्रभाव
  • ब्लड क्लॉटिंग समस्या (रक्त के थक्के जमाने वाला विकार)
  • मानसिक विकार
  • कोई रक्त विकार, जैसे ल्यूकेमिया या सिकल सेल एनीमिया
  • शराब का सेवन
  • गैरकानूनी ड्रग्स का सेवन
  • लिंग या रीढ़ की हड्डी में चोट लगना

बैलेनाइटिस

बैलेनाइटिस लिंग के मुठ और फोरस्किन होने में वाला एक संक्रमण होता है। बिना खतना किये पुरुषों में इसके होने की सम्भावना ज्यादा होती है।

यह आमतौर पर उन पुरुषों में होता है जो अपनी फोरस्किन की साफ-सफाई का ठीक से ध्यान नहीं रखते।

बैलेनाइटिस के अन्य कारक निम्न हैं:

  • यीस्ट इंफेक्शन
  • यौन संचारित संक्रमण
  • किसी साबुन, परफ्यूम या अन्य प्रोडक्ट से एलर्जी होना

यौन संचारित संक्रमण

किसी यौन संचारित संक्रमण के कारण भी लिंग में दर्द हो सकता है। दर्द देने वाले संक्रमण निम्न हैं:

  • क्लैमाइडिया
  • गोनोरिया
  • जननांग दाद
  • सिफलिस (Syphilis)

मूत्र मार्ग में संक्रमण (UTIs)

मूत्र मार्ग का संक्रमण महिलाओं में अधिक आम है, लेकिन यह पुरुषों में भी हो सकता है।

यह तब होता है जब बैक्टीरिया आपके मूत्र मार्ग पर आक्रमण करते हैं और उसे संक्रमित करते हैं।

आपको यह संक्रमण हो सकता है यदि:

  • आपका खतना नहीं हुआ है
  • इम्यून सिस्टम कमजोर है
  • आपके मूत्र मार्ग में कोई विकार या रुकावट है
  • किसी ऐसे व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाये हैं जिसे पहले से यह संक्रमण हो
  • असुरक्षित गुदा सेक्स
  • प्रोस्टेट ग्लैंड का सामान्य से बड़ा होना

चोट

शरीर के किसी अन्य हिस्से की तरह ही एक चोट आपके लिंग को भी नुकसान पहुंचा सकती है। आपके लिंग में चोट लग सकती है यदि:

  • आपका एक्सीडेंट हुआ है
  • आप जल गए हैं
  • आपने रफ़ सेक्स किया है
  • इरेक्शन को लम्बा खींचने के लिए आपने अपने लिंग के चारों ओर एक रिंग लगाई है
  • अपने मूत्रमार्ग में आपने कोई ऑब्जेक्ट डाला है

फाइमोसिस और पैराफाइमोसिस

फाइमोसिस खतनारहित पुरुषों में होता है जब उनकी फोरस्किन काफी ज्यादा टाइट हो जाती है और इसको लिंग के मुठ के पीछे नहीं किया जा सकता।

आमतौर पर यह समस्या बच्चों में होती है जो समय के साथ अपनेआप ठीक हो जाती है। लेकिन यह सेक्सुअली एक्टिव पुरुषों में भी हो सकती है यदि उनकी फोरस्किन में बैलेनाइटिस या चोट के कारण पपड़ी जमने लगी है।

इसी तरह की एक और समस्या है पैराफाइमोसिस, जिसमें फोरस्किन को मुठ के पीछे करने के बाद उसे दोबारा नहीं चढ़ाया जा सकता।

पैराफाइमोसिस एक आपातकालीन समस्या होती है जिसमें तुरंत डॉक्टर के पास जाना आवश्यक है। क्योंकि इसके कारण लिंग के मुठ में रक्त रुक सकता है उसमें ऊतक मृत्यु या गैंगरीन होने की सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

कैंसर

लिंग का कैंसर भी इसमें दर्द का कारण हो सकता है।

हालाँकि लिंग का कैंसर होना काफी दुर्लभ है, लेकिन निम्न कारणों से आपमें यह होने की सम्भावना बढ़ जाती है:

  • धूम्रपान
  • फोरस्किन की ठीक से साफ-सफाई न करना
  • ह्युमैन पैपिलोमावायरस (HPV)
  • स्किन में सोरायसिस होना

अमेरिका की क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, लिंग कैंसर के ज्यादातर मामले 50 या उससे अधिक उम्र के पुरुषों में होते हैं।

लिंग में दर्द के उपचार विकल्प

लिंग में दर्द का उपचार इसकी स्थिति या बीमारी के आधार पर अलग-अलग होता है।

  • पेयरोनी बीमारी से बनने वाले स्कार टिश्यू को लचीला बनाने के लिए इंजेक्शन दिया जाता है। गंभीर मामलों में सर्जरी द्वारा इन्हें हटाने की आवश्यकता होती है।
  • यदि आपको प्रियपिज्म है जिसमें लिंग बिना उत्तेजना के लम्बे समय तक खड़ा रहता है, तो डॉक्टर लिंग में फंसे रक्त को बाहर निकालने के लिए सुई का इस्तेमाल करेगा। दवाओं के जरिये भी लिंग में बहने वाले रक्त की मात्रा को कम किया जा सकता है।
  • मूत्र मार्ग संक्रमण और कुछ यौन संचारित संक्रमणों को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं। इन संक्रमणों में क्लैमाइडिया, गोनोरिया और सिफलिस शामिल हैं। कुछ एंटीबायोटिक्स और एंटिफंगल दवाएं बैलेनाइटिस का इलाज भी कर सकती हैं।
  • दाद के प्रकोप को कम करने के लिए एंटीवायरल दवाएं मदद करती हैं।
  • यदि आपको फाइमोसिस है, तो नियमित रूप से फोरस्किन को स्ट्रेच करके इसे ढीला करने में मदद मिल सकती है। लिंग पर स्टेरॉयड क्रीम लगाने से अतिरिक्त मदद मिल सकती है। फाइमोसिस के गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है।
  • पैराफाइमोसिस में लिंग के मुठ और फोरस्किन पर बर्फ लगाने से सूजन को कम किया जा सकता है। फोरस्किन को वापिस मुठ पर चढ़ाने के लिए डॉक्टर लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करेगा और मुठ पर थोड़ा प्रेशर डालेगा। सूजन कम करने के लिए डॉक्टर लिंग या फोरस्किन में इंजेक्शन भी लगा सकता है। कुछ गंभीर मामलों में डॉक्टर सूजन कम करने के लिए फोरस्किन में छोटे चीरे भी लगा सकता है।
  • लिंग के कैंसर की स्थिति में एक सर्जन लिंग के कैंसर वाले हिस्से को काटकर हटाएगा। इसके उपचार में रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी भी शामिल है।

लिंग दर्द से बचाव

आप लिंग में दर्द होने की सम्भावना से बचने के लिए कुछ कदम उठा सकते हैं।

जैसे सेक्स करते समय कंडोम का इस्तेमाल करना, किसी ऐसी पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने से बचना जिसे किसी भी प्रकार का सक्रिय संक्रमण हो, और सेक्स के दौरान रफ़ मूवमेंट से बचना जो आपके लिंग को टेड़ा या फ्रैक्चर कर सकते हैं।

यदि आपको लिंग में बार-बार संक्रमण होता है या आपकी फोरस्किन के साथ अन्य समस्याएं हैं, तो हर दिन अपनी फोरस्किन सफाई करने या खतना सर्जरी करवाने से काफी मदद मिल सकती है।

दीर्घकालिक दृष्टिकोण

कभी भी अगर आपको अपने लिंग में दर्द का अनुभव होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से उचित जाँच करवाएं।

यह लिंग की कई गंभीर समस्याओं का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

यदि किसी यौन संचारित रोग के कारण आपके लिंग में दर्द है, तो इसके पूरी तरह से ठीक होने तक सेक्स से परहेज करें या इस दौरान अतिरिक्त प्रोटेक्शन लें।

लिंग की किसी भी समस्या का जल्दी पता लगाने और उपचार करवाने से आपके सेक्स जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और आप कई नुकसानों से बच पाएंगे।

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