लिंग खड़ा न होने के कारण, इलाज और रोकधाम

जब पुरुष यौन रूप से उत्तेजित होने लगता है तो हॉर्मोंस, नसें, मांसपेशियाँ और रक्त वाहिकाएँ लिंग को खड़ा करने के लिए एक दूसरे के साथ काम करने लगती हैं।

सबसे पहले मस्तिष्क से लिंग तक भेजे गए तंत्रिका संकेत, लिंग की मांसपेशियों को फैलने के लिए उत्तेजित करते हैं। इसके फलस्वरूप, लिंग में ज्यादा ब्लड भरने लगता है।

एक बार जब लिंग में ब्लड भर जाता है और वह खड़ा हो जाता है, तो लिंग की रक्त वाहिकाएं बंद हो जाती हैं ताकि लिंग खड़ा बना रहे।

स्खलन के बाद, लिंग की रक्त वाहिकाएं फिर से खुल जाती हैं, जिससे रक्त बाहर निकल जाता है और लिंग बैठ जाता है।

कभी-कभी पुरुषों को उत्तेजना के दौरान अपना लिंग खड़ा करने या लम्बे समय तक खड़ा बनाये रखने में कठिनाई हो सकती है।

या फिर, लिंग खड़ा होने पर इतना कठोर नहीं होता जिससे संभोग किया जा सके।

लिंग खड़ा न होने की समस्या निम्न समस्याओं के कारण भी हो सकती है –

  1. इरेक्टाइल डिसफंक्शन
  2. नामर्दी
  3. यौन रोग

ज्यादातर पुरुषों में यह समस्याएं अस्थायी रूप से होती हैं, जो अपनेआप ठीक हो जाती हैं। अमेरिका की क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर लिंग खड़ा न होने की समस्या 20 प्रतिशत से कम बार होती है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं।

हालाँकि, यदि आप 50 प्रतिशत मामलों में अपने लिंग को खड़ा करने में असमर्थ होते हैं, तो आपको कोई स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्या हो सकती है, जिसकी डॉक्टर से उचित जाँच कराने की आवश्यकता है।

लिंग खड़ा न होने के सामान्य कारण

आपका लिंग खड़ा न होने के शारीरिक या मनोवैज्ञानिक कारक हो सकते हैं।

शारीरिक कारक

आमतौर पर वृद्ध पुरुषों को शारीरिक कारणों से लिंग की समस्याएं होती हैं। यह उन विकारों या बीमारियों के कारण होती हैं, जो लिंग खड़ा करने के लिए जरूरी नसों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

निम्न बीमारियों के कारण लिंग खड़ा न होने की सम्भावना ज्यादा होती है:

  • दिल की बीमारी
  • एथेरोस्‍कलेरोसिस – जिसमें रक्त वाहिकाओं की अंदर और बाहर की दीवारों में फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य पदार्थ जमने के कारण वह सख्त हो जाती हैं
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • डायबिटीज (मधुमेह)
  • मोटापा
  • पार्किंसंस रोग – जो एक प्रगतिशील तंत्रिका तंत्र विकार होता है
  • मल्टीपल स्क्लेरोसिस – एक ऐसी बीमारी जिसमें इम्यून सिस्टम तंत्रिकाओं के सुरक्षात्मक आवरण को खा जाता है, जिससे उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ता है
  • जिगर या गुर्दे की बीमारी
  • अत्यधिक शराब के सेवन की लत
  • पेरोनी रोग – जिसमें लिंग अत्यधिक टेड़ा हो जाता है

अन्य शारीरिक कारणों में शामिल हैं:

  • कुछ दवाएं जैसे बीटा-ब्लॉकर्स, मूत्रवर्धक, मांसपेशियों को आराम देने वाली या अवसादरोधी दवाओं का सेवन
  • मादक द्रव्यों का सेवन
  • लंबे समय तक तंबाकू का सेवन
  • रीढ़ की हड्डी या जननांग क्षेत्र में आघात या चोट
  • जन्मजात जननांग समस्याएं
  • प्रोस्टेट समस्याओं का उपचार

मनोवैज्ञानिक कारक

भावनात्मक समस्याएं किसी भी उम्र के व्यक्ति को सेक्स के प्रति उदासीन बना सकती हैं, जैसे

  • अपनी पार्टनर को पूर्ण संतुष्ट न कर पाने का डर
  • आर्थिक, पेशेवर या सामाजिक मुद्दों से संबंधित चिंता
  • रिश्तों में खटास होना
  • डिप्रेशन

युवा पुरुषों में लिंग खड़ा न होने की समस्या

20 से 30 वर्ष की आयु के पुरुष भी नामर्दी, लिंग का ढीलापन, नसों में कमजोरी और लम्बे समय तक लिंग खड़ा न कर पाने की समस्या का अनुभव कर सकते हैं। शोधों से पता चला है कि आजकल पुरुषों में लिंग की समस्याएं पहले के मुक़ाबले ज्यादा होती हैं।

2013 में, द जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन ने बताया कि 17 से 40 वर्ष की आयु के 26 प्रतिशत पुरुषों को अपना लिंग पूरा खड़ा कर पाने में परेशानी होती है। ये मामले मध्यम से लेकर गंभीर तक सभी को मिलाकर थे।

शोध में कहा गया कि युवा पुरुषों में लिंग खड़ा न होने की समस्या शारीरिक कारको की तुलना में उनकी जीवनशैली और मानसिक कारकों से ज्यादा होती है। इस शोध में कम उम्र के पुरुष वृद्ध पुरुषों की तुलना में अधिक तंबाकू, शराब और नशीली दवाओं का उपयोग करते पाए गए।

कुछ शोधों से यह भी पता चलता है कि युवा पुरुषों में इरेक्शन की समस्या अक्सर चिंता या डिप्रेशन के कारण होती है।

इरेक्शन की समस्या का निदान

आपकी लिंग की समस्याओं के कारकों का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके निम्न परीक्षण कर सकता है:

  • पूर्ण रक्त गणना (CBC) – जो रक्त परीक्षणों का एक सेट होता है और लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की कमी की जांच करता है
  • हॉर्मोन प्रोफाइल – जो पुरुष सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरोन और प्रोलैक्टिन के स्तर को मापता है
  • NPT – जो यह निर्धारित करता है कि आपका इरेक्शन नींद के दौरान काम करता है या नहीं
  • डुप्लेक्स अल्ट्रासाउंड – जो शरीर के ऊतकों की तस्वीरें लेने के लिए उच्च आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है
  • यूरिनालिसिस – जो मूत्र में प्रोटीन और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को मापता है

एक बार जब आपका डॉक्टर आपकी इरेक्शन समस्या का कारण निर्धारित कर लेता है, तो वो उचित उपचार प्रदान करता है।

लिंग खड़ा न होने की समस्या का इलाज

लिंग खड़ा न होने की गंभीरता को अक्सर तीन-बिंदु पैमाने पर वर्गीकृत किया जाता है: हल्का, मध्यम और गंभीर।

गंभीर समस्या को अक्सर इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जोड़कर देखा जाता है।

अपने लिंग के इलाज में पहला कदम यह पहचानना है कि आप इस पैमाने पर कहां आते हैं।

एक बार जब एक कारक की पहचान हो जाती है और आपका डॉक्टर जानता है कि आपकी समस्या कितनी गंभीर है, तो इसका इलाज करना आसान हो जाता है।

अक्सर इस समस्या के निम्न मुख्य इलाज होते हैं –

  • लिंग के कॉर्पस कैवर्नोसम (corpus cavernosum) भाग में इंजेक्शन वाली दवाएं, जैसे कि एल्प्रोस्टैडिल (कैवरजेक्ट, एडेक्स) डालना। Corpus cavernosum लिंग में मौजूद स्पंजी टिश्यू होते हैं, जिनमें लिंग खड़ा होने के दौरान अधिकतर ब्लड भरता है।
  • मूत्रमार्ग (लिंग के छिद्र) में इंजेक्शन वाली दवा, जैसे कि एल्प्रोस्टैडिल (एमयूएसई) डालना
  • मौखिक दवाएं, जैसे वियाग्रा और सियालिस
  • सर्जरी, जिसमें पेनाइल इम्प्लांट सर्जरी भी शामिल है
  • लिंग वर्धक यंत्र जैसे वैक्यूम पंप इस्तेमाल करने की सलाह

जीवन शैली में बदलाव

लिंग की अधिकतर समस्याएं खराब और अस्वस्थ जीवनशैली जीने के कारण होती हैं। इसलिए आपको निम्नलिखित जीवनशैली में बदलावों को अपनाना चाहिए:

  • तंबाकू का सेवन न करें
  • शराब का सेवन कम करें
  • भरपूर आराम करें
  • पोषक तत्वों से युक्त स्वस्थ आहार खाएं
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें
  • यौन समस्याओं के बारे में अपनी पार्टनर के साथ खुलकर बात करें

आपका डॉक्टर आपके लिंग, मलाशय और प्रोस्टेट के साथ-साथ आपके तंत्रिका तंत्र के कार्य की भी जांच कर सकता है। वह आपसे यह भी पूछेगा कि आपके लक्षण कब शुरू हुए और क्या आपको कोई मौजूदा स्वास्थ्य समस्या है।

संभावित जटिलताएं

लिंग सम्बन्धी समस्याओं के कारण आपके जीवन की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यदि आप लिंग बिलकुल खड़ा न होने या ज्यादा देर तक खड़ा न होने की समस्याओं का अनुभव कर रहे हैं, तो आप निम्न समस्याओं का भी अनुभव कर सकते हैं:

  • तनाव या चिंता
  • आत्मविश्वास में कमी
  • रिश्तों में समस्याएं
  • अपने यौन जीवन से असंतुष्टि

अपने डॉक्टर से कब संपर्क करें

यदि आप अपने लिंग के कामकाज में कोई भी अप्राकृतिक बदलाव देख रहे हैं, जो समय के साथ-साथ बढ़ता ही जा रहा है, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासतौर से निम्न परिस्थितियों में:

  • लिंग में चोट या प्रोस्टेट सर्जरी के बाद यह बदलाव दिखाई दे रहे हैं
  • यदि इन बदलावों के साथ-साथ आपको पीठ या पेट के निचले हिस्से में दर्द होता है
  • यदि आपको लगता है कि किसी दवा के सेवन के कारण यह बदलाव हो रहे हैं

आपको तब भी अपनी दवा का सेवन करते रहना चाहिए, भले ही आपको लगता है कि यह आपके लिंग में समस्या पैदा कर रही है, जब तक कि आपका डॉक्टर इसका सेवन रोक देने को न कहे।

लिंग खड़ा न होने की समस्या से बचाव

स्वस्थ जीवनशैली, जैसे नियमित व्यायाम करना और स्वस्थ आहार खाना, लिंग की समस्याओं को रोकने में काफी मददगार होता है।

आमतौर पर लिंग खड़ा न होने की समस्या उसमें रक्त संचार की कमी के कारण होती है, इसलिए अपनी रक्त संचार प्रणाली को ठीक रखना मुख्य होता है।

रक्त संचार में सुधार करने का सबसे कारगर और आसान तरीका होता है व्यायाम।

आप निम्न कार्डिओ-आधारित व्यायामों को अपनाकर देख सकते हैं:

  • दौड़ (रनिंग)
  • साइकल चलाना
  • तैराकी (स्विमिंग)
  • एरोबिक व्यायाम जिनमें साँस तेज हो जाती है

इसके अलावा अस्वस्थ फैट, अतिरिक्त चीनी और अत्यधिक नमक के सेवन से बचना भी जरूरी है।

डायबिटीज और दिल की बीमारी जैसी क्रोनिक समस्याएं भी लिंग के खड़ा न होने का कारण बन सकती हैं। इन स्थितियों का इलाज करने के लिए उपयोग की जाने वाली चिकित्सकीय दवाएं भी समस्या को बड़ा सकती हैं।

इसलिए, यदि आपको कोई क्रोनिक समस्या है, तो अपने डॉक्टर से रोकधाम के सबसे बेहतर तरीकों की जानकारी लें जो आपके लिंग पर विपरीत प्रभाव न डालें।

मादक द्रव्यों जैसे शराब या नशीली दवाओं के सेवन से बचने से भी लिंग खड़ा न होने की समस्या की सम्भावना कम होती है।

मानसिक स्वास्थ्य उपचार आपको तनाव या मनोवैज्ञानिक मुद्दों के कारण होने वाली इरेक्शन समस्याओं से बचने में मदद कर सकता है।

निष्कर्ष

इरेक्शन या लिंग खड़ा न होने की समस्या आम है और ये सभी उम्र के पुरुषों को हो सकती है।

यह आम तौर पर पुरुष यौन प्रतिक्रिया के चरणों में से कम से कम एक में समस्या होने के कारण होती है।

इसलिए चेतावनी के संकेतों से अवगत रहें, और अगर इरेक्शन की समस्या बार-बार होने लगे तो अपने डॉक्टर से मिलें। इसके कई प्रभावी उपचार और दवाएं उपलब्ध हैं।

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