लिंग फ्रैक्चर होने के लक्षण, इलाज, रिकवरी आदि

लिंग में फ्रैक्चर तब होता है जब इसकी ट्यूनिका अल्ब्यूजिनेया (tunica albuginea) फट जाती है।

ट्युनिका अल्ब्यूजिनेया लिंग की स्किन के नीचे मौजूद लचीले ऊतकों की म्यान जैसी होती है, जो लम्बाई और चौड़ाई में फैलकर लिंग को खड़ा करने और सख्त बनने में मदद करती है।

इसके अंदर कॉर्पस कोवर्नोसम मौजूद होता है, जो ऊतकों से बना एक गुच्छा होता है। इसमें लिंग खड़ा होने के दौरान रक्त समाता है।

लिंग में फ्रैक्चर होना एक मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति होती है, जिसमें जल्द से जल्द अस्पताल जाना जरूरी है। और शायद आपको सर्जरी की आवश्यकता होगी।

तुरंत उपचार स्थायी यौन और मूत्र संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद कर सकता है।

लक्षण

यदि आपके जननांगों में तेज झटका लगता है, तो आपके लिंग में दर्द हो सकता है या इसमें चोट लग सकती है। लिंग फ्रैक्चर एक अधिक गंभीर चोट है। लिंग में संभावित फ्रैक्चर के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • चोट लगते समय लिंग में तड़क या कुछ टूटने की आवाज आना
  • एकदम से लिंग का खड़ापन खत्म हो जाना
  • चोट लगने के बाद अत्यधिक दर्द होना
  • चोट लगने की जगह का गहरा नीले रंग का हो जाना
  • लिंग टेड़ा हो जाना
  • लिंग से खून बहना
  • पेशाब करने में मुश्किल होना

कारण

लिंग में फ्रैक्चर तब होता है जब इसमें अचानक आघात लगने या टेड़ा होने से ट्यूनिका अल्ब्यूजिनेया टूट जाती है।

ट्यूनिका अल्ब्यूजिनेया के नीचे मौजूद कॉर्पस कोवर्नोसम के स्पंजी ऊतक भी फट सकते हैं। लिंग खड़ा होने के दौरान इन्हीं स्पंजी ऊतकों में रक्त भरता है और वह कठोरलम्बा मोटा होता है।

लिंग का फ्रैक्चर मूत्रमार्ग को भी घायल कर सकता है। मूत्रमार्ग लिंग में वह नलिका होती है जिससे मूत्र और वीर्य बहता है

लिंग फ्रैक्चर के कुछ सामान्य कारक निम्न हैं:

  • योनि संभोग के दौरान लिंग का अचानक टेड़ा होना या उसमें झटका लगना। आमतौर पर इसकी सम्भावना काउगर्ल या रिवर्स काउगर्ल सेक्स पोजीशन के दौरान ज्यादा होती है। लेकिन यह आम मिशनरी सेक्स पोजीशन में भी हो सकता है।
  • गिरने या किसी अन्य दुर्घटना के कारण खड़े लिंग में झटका लगना।
  • कठोर हस्तमैथुन करना

भारत के S.M.H.S हॉस्पिटल श्रीनगर में हुए एक शोध के अनुसार यौन रूप से सक्रिय पुरुषों में लिंग फ्रैक्चर होने का सबसे आम कारण संभोग के दौरान आघात लगना है।

जोखिम

हालाँकि सेक्स में किसी भी पोजीशन के दौरान चोट लगने से लिंग का फ्रैक्चर हो सकता है, लेकिन कुछ पोजीशन में जोखिम ज्यादा होता है।

जिस सेक्स पोजीशन में महिला आपके ऊपर होती है, उसमें लिंग फ्रैक्चर होने का खतरा ज्यादा होता है। क्योंकि ऐसे में जब लिंग योनि के प्रवेश द्वार पर क्षण भर के लिए भी अवरुद्ध होता है, तो महिला का पूरा वजन लिंग को मोड़ सकता है।

साथ ही, इन पोजीशन में पूरा कंट्रोल महिला के पास होता है, और हो सकता है वह लिंग के शाफ्ट को झुकाकर बहुत आगे या पीछे भी हिले जिससे लिंग पर अतिरिक्त प्रेशर पड़ सकता है।

पीछे से एंट्री वाली सेक्स पोजीशन जैसे डॉगी स्टाइल भी फ्रैक्चर की संभावना को बढ़ाती हैं।

इसके अलावा, वीर्य को जल्दी गिरने से रोकने के लिए लिंग के आधार पर कुछ बांधना जैसे पेनिस रिंग या रबर भी घातक हो सकती हैं।

मदद लेना

यदि आपको लिंग में फ्रैक्चर का संदेह है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें।

यदि इसका समय पर इलाज नहीं किया जाता है, तो फ्रैक्चर लिंग को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर सकता है।

फ्रैक्चर के कारण आपको लिंग खड़ा न होने या लम्बे समय खड़ा न रख पाने की समस्या भी हो सकती है। इसमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन भी शामिल है।

पहचान

एक डॉक्टर आपका शारीरिक परिक्षण करके और चोट लगने की परिस्थितियों के ऊपर कुछ सवाल पूछकर फ्रैक्चर की पहचान कर सकता है।

यदि डॉक्टर शारीरिक परिक्षण के माध्यम से स्पष्ट पहचान नहीं कर पाता है, तो आपको एक मेडिकल इमेजिंग स्टडी कराने की आवश्यकता हो सकती है।

लिंग की चोटों के लिए होने वाली इमेजिंग स्टडी निम्न हैं:

  • एक विशेष एक्स-रे, जिसे कैवर्नोग्राफ़ी कहा जाता है, जिसके लिए लिंग की रक्त वाहिकाओं में एक डाई इंजेक्ट करने की आवश्यकता होती है
  • लिंग का अल्ट्रासाउंड, जिसमें ध्वनि तरंगों के जरिये लिंग की आंतरिक संरचना को चित्रित किया जाता है
  • मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI), जिसमें लिंग के अंदर की विस्तृत छवियां बनाने के लिए चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो-एनर्जी तरंगों का उपयोग किया जाता है

आपका मूत्रमार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है या नहीं, यह जाँचने के लिए आपको एक विशेष मूत्र परीक्षण से भी गुजरना पड़ सकता है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ़ यूरोलॉजी में हुए एक शोध के अनुसार, लिंग फ्रैक्चर वाले पुरुषों का मूत्रमार्ग क्षतिग्रस्त होने की सम्भावना 38% होती है।

एक सामान्य परीक्षण में लिंग के छिद्र के माध्यम से मूत्रमार्ग में डाई इंजेक्ट करना और एक्स-रे लेना शामिल है। इससे यह जानने में मदद मिलती है कि आपका लिंग कितना और कहाँ-कहाँ क्षतिग्रस्त है, जिससे सर्जन को ठीक से सर्जरी करने में मदद मिलती है।

उपचार

लिंग फ्रैक्चर के अधिकतर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है।

सर्जन ट्यूनिका अल्ब्यूजिनेया और कॉर्पस कोवर्नोसम के फटे ऊतकों को बंद करने के लिए उनपर टाँके लगाता गई।

सर्जरी का मुख्य लक्ष्य होता है आपकी लिंग खड़ा करने की क्षमता को फिर से बहाल करना या बनाए रखना और मूत्राशय के कामकाजों को ठीक करना।

रिकवरी

सर्जरी के बाद, आमतौर पर आपको एक से तीन दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती रहना होगा। डॉक्टर आपको दर्द की दवा और एंटीबायोटिक्स लिखेगा। चिकित्सक द्वारा बताये गए अनुसार ही इन दवाओं का सेवन करें।

सर्जरी के बाद, फ्रैक्चर को पूरी तरह से ठीक होने में महीनों लग सकते हैं। इस दौरान आपको नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाना होगा और इमेजिंग टेस्ट करवाने होंगे, ताकि:

  • उपचार की प्रगति की जाँच हो सके
  • लिंग की नसों और धमनियों की जाँच हो सके
  • लिंग में रक्तसंचार ठीक से हो रहा है या नहीं, इसकी जाँच हो सके

सर्जरी के बाद आपको कम से कम एक महीने तक संभोग या हस्तमैथुन नहीं करना चाहिए। अपने डॉक्टर से पूछें कि चोट को जल्द से जल्द ठीक करने में मदद के लिए आप क्या कर सकते हैं।

अफ्रीका के घाना में हुए एक शोध के अनुसार 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में सर्जरी के अच्छे परिणाम होते हैं। लेकिन कुछ पुरुषों को ठीक होने के बाद कुछ साइड इफेक्ट का अनुभव हो सकता है, जिसमें इरेक्टाइल डिसफंक्शन, लिंग का टेढ़ापन और वीर्य स्खलन के दौरान दर्द होना शामिल हैं।

निष्कर्ष

अगर आपको लगता है कि आपने अपने लिंग को फ्रैक्चर कर लिया है, तो तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन केंद्र पर जाएँ।

चोट लगने के 24 घंटे के भीतर इलाज करने पर परिणाम काफी बेहतर होते हैं

लिंग फ्रैक्चर की सर्जरी के बाद, अधिकांश पुरुष अपने लिंग की नॉर्मल क्षमता और यौन कामकाज को दोबारा हासिल कर लेते हैं।

लिंग में चोट लगने से बचने के लिए, संभोग के दौरान पर्याप्त लुब्रीकेंट का इस्तेमाल करें और तेज या रफ सेक्स के दौरान सावधान रहें।

इसके अलावा, अपने खड़े लिंग को टाइट अंडरवियर में डालने की कोशिश न करें और न ही बिस्तर पर रगड़ें।

खड़े लिंग पर कोई भी अचानक बल लगने से उसपर छोटी या बड़ी चोट लग सकती है।

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