लिंग कैंसर के लक्षण, कारण, चरण और इलाज

लिंग का कैंसर होना काफी दुर्लभ होता है। यह लिंग की स्किन और ऊतकों को प्रभावित करता है।

यह तब होता है जब लिंग के सामान्य रूप से स्वस्थ सेल्स, कैंसरग्रस्त हो जाते हैं और नियंत्रण से बाहर विकसित होने लगते हैं, जिससे लिंग पर एक ट्यूमर बन जाता है।

कैंसर अंततः शरीर के अन्य क्षेत्रों में भी फैल सकता है, जिसमें ग्रंथियाँ, अन्य अंग और लिम्फ नोड्स शामिल हैं।

लक्षण

आमतौर पर लिंग कैंसर का पहला ध्यान देने योग्य लक्षण लिंग पर गांठ, द्रव्यमान या अल्सर बनना होता है। यह एक छोटा महत्वहीन धब्बे से लेकर एक बड़े संक्रमित घाव की तरह लग सकता है।

ज्यादातर मामलों में, यह लिंग के मुठ या फोरस्किन पर मौजूद होता है।

लिंग कैंसर के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • खुजली
  • जलन
  • लिंग से असामान्य रिसाब
  • लिंग के रंग में परिवर्तन
  • लिंग की स्किन का मोटा होना
  • रक्त निकलना
  • लालिमा
  • कूल्हों की लिम्फ नोड्स में सूजन

यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। उचित उपचार की सम्भावना को बढ़ाने के लिए शीघ्र पहचान और उपचार प्राप्त करना आवश्यक है।

कारण

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, जिन पुरुषों के लिंग का खतना नहीं हुआ उनमें लिंग कैंसर होने सम्भावना ज्यादा होती है।

ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि खतनारहित पुरुषों में लिंग को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याएं, जैसे कि फाइमोसिस और पैराफाइमोसिस होने का खतरा ज्यादा होता है। साथ ही, फोरस्किन वाले लिंग की ठीक से साफ-सफाई रखना भी मुश्किल होता है और उसके नीचे स्मेग्मा नामक सफेद पदार्थ बन सकता है।

फाइमोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें फोरस्किन सख्त हो जाती है और उसे लिंग के मुठ के पीछे हटाना मुश्किल हो जाता है। फाइमोसिस से ग्रसित पुरुषों में स्मेग्मा बनने का खतरा अधिक होता है। स्मेग्मा एक सफेद मैल होता है जो फोरस्किन के नीचे डेड सेल्स, नमी और तेल से बनता है।

निम्न परिस्थितियों में भी लिंग कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है:

पहचान

डॉक्टर आपका एक शारीरिक परीक्षण और कुछ अन्य मशीन टेस्ट के माध्यम से आपमें लिंग कैंसर की पहचान करता है।

शारीरिक परिक्षण के दौरान, डॉक्टर आपके लिंग को देखेगा और किसी भी गांठ,धब्बे या घावों की मौजूदगी का निरीक्षण करेगा। यदि इसमें कैंसर का संदेह मिलता है, तो डॉक्टर आपकी बायोप्सी करेगा।

बायोप्सी में लिंग से स्किन या ऊतक का एक छोटा सा नमूना निकाला जाता है। फिर नमूने में कैंसर कोशिकाओं की मौजूदगी का विश्लेषण किया जाता है।

यदि बायोप्सी के परिणाम में कैंसर के लक्षण दिखते हैं, तो यह जानने के लिए कि कैंसर कितना फैल गया है, डॉक्टर आपको सिस्टोस्कोपी कराने की सलाह दे सकता है। सिस्टोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें सिस्टोस्कोप नामक उपकरण का उपयोग किया जाता है। सिस्टोस्कोप एक पतली ट्यूब होती है जिसके सिरे पर एक छोटा कैमरा और बल्ब लगा होता है।

सिस्टोस्कोपी के दौरान, डॉक्टर धीरे से सिस्टोस्कोप को लिंग के छिद्र में डालेगा और मूत्राशय तक जायेगा। इससे डॉक्टर को लिंग के विभिन्न क्षेत्रों और आसपास की संरचनाओं को देखने में मदद मिलेगी, जिससे यह निर्धारित करना संभव होगा कि कैंसर फैला है या नहीं और कितना फैला है।

कुछ मामलों में, लिंग का एमआरआई भी किया जाता है, ताकि यह पता चल सके कि कैंसर ने लिंग के गहरे ऊतकों पर आक्रमण तो नहीं किया है।

चरण

कैंसर का चरण (स्टेज) यह बताता है कि यह कितना फैल चुका है।

पहचान परीक्षणों के परिणामों के आधार पर, आपका डॉक्टर यह निर्धारित करेगा कि कैंसर वर्तमान में किस चरण में है।

इससे डॉक्टर को आपकी वर्तमान स्थिति का अनुमान लगाने और उसके आधार पर बेहतर उपचार प्रदान करने में मदद मिलती है।

अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के अनुसार लिंग कैंसर के चरण मापदंड निम्न हैं:

चरण 0

  • कैंसर केवल स्किन की ऊपरी परत पर होता है।
  • कैंसर अभी तक किसी ग्रंथि, कूल्हों के लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं फैला है।

चरण 1

  • कैंसर स्किन के ठीक नीचे मौजूद संयोजी ऊतकों (कनेक्टिव टिश्यू) में फैल गया है।
  • कैंसर अभी तक किसी ग्रंथि, कूल्हों के लिम्फ नोड्स या शरीर के अन्य हिस्सों तक नहीं फैला है।

चरण 2

  • कैंसर स्किन के नीचे कनेक्टिव टिश्यू (संयोजी ऊतकों) या रक्त वाहिकाओं में फैल गया है। या स्किन कोशिकाएँ अन्य सामान्य कोशिकाओं से बहुत अलग दिखती हैं। या फिर, कैंसर स्तंभन ऊतकों या मूत्रमार्ग में फैल गया है।
  • कैंसर शरीर के किसी अन्य भाग में नहीं फैला है।

चरण 3A

  • कैंसर स्किन के नीचे कनेक्टिव टिश्यू (संयोजी ऊतकों) या रक्त वाहिकाओं में फैल गया है। या स्किन कोशिकाएँ अन्य सामान्य कोशिकाओं से बहुत अलग दिखती हैं। या फिर, कैंसर स्तंभन ऊतकों या मूत्रमार्ग में फैल गया है।
  • कैंसर कूल्हों में एक या दो लिम्फ नोड्स में फैल गया है।
  • कैंसर अभी तक शरीर के किसी अन्य भाग में नहीं फैला है।

चरण 3B

  • कैंसर स्किन के नीचे कनेक्टिव टिश्यू (संयोजी ऊतकों) या रक्त वाहिकाओं में फैल गया है। या स्किन कोशिकाएँ अन्य सामान्य कोशिकाओं से बहुत अलग दिखती हैं। या फिर, कैंसर स्तंभन ऊतकों या मूत्रमार्ग में फैल गया है।
  • कैंसर कूल्हों में कई लिम्फ नोड्स में फैल गया है।
  • कैंसर अभी तक शरीर के किसी अन्य भाग में नहीं फैला है।

चरण 4

  • कैंसर लिंग के आस-पास के क्षेत्रों में फैल गया है, जैसे कि प्यूबिक बोन, प्रोस्ट्रेट, या अंडकोश, या कैंसर शरीर के अन्य क्षेत्रों और अंगों तक पहुँच गया है।

उपचार

लिंग कैंसर का उपचार इसके दो मुख्य प्रकरों इनवेसिव (आक्रामक) और नॉन-इनवेसिव (गैर-आक्रामक) के आधार पर किया जाता है।

नॉन-इनवेसिव लिंग कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें कैंसर गहरे ऊतकों, लिम्फ नोड्स और ग्रंथियों तक नहीं फैलता है।

इनवेसिव लिंग कैंसर एक ऐसी स्थिति है जिसमें कैंसर लिंग के ऊतकों और आसपास के लिम्फ नोड्स और ग्रंथियों में गहराई तक चला जाता है।

गैर-इनवेसिव लिंग कैंसर के कुछ मुख्य उपचार निम्न हैं:

  • खतना सर्जरी: लिंग की फोरस्किन को पूरी तरह से हटा दिया जाता है।
  • लेजर थेरेपी: ट्यूमर और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए उनपर हाई-इंटेंसिटी लेजर केंद्रित की जाती है।
  • कीमोथेरेपी: केमिकल दवाओं के जरिये कैंसर की तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
  • रेडिएशन थेरेपी: हाई-एनर्जी वाला रेडिएशन, ट्यूमर को सिकोड़ता है और कैंसर कोशिकाओं को मारता है।
  • क्रायोसर्जरी: तरल नाइट्रोजन के जरिये ट्यूमर को जमा दिया जाता है, जिससे उसकी कोशिकायें मरकर अलग हो जाती हैं।

इनवेसिव लिंग कैंसर के उपचार के लिए बड़ी सर्जरी की आवश्यकता होती है। सर्जरी में ट्यूमर, पूरे लिंग या कूल्हों को निकालना शामिल है।

सर्जरी में निम्न विकल्प शामिल हो सकते हैं:

एक्सिसनल सर्जरी (Excisional surgery)

स्किन से किसी भी ट्यूमर, मस्से या गांठ को काटकर हटाने की प्रक्रिया को एक्सिसनल सर्जरी कहा जाता है।

प्रभावित क्षेत्र को सुन्न करने के लिए आपको एक लोकल एनेस्थीसिया दिया जायेगा, ताकि आपको कोई दर्द महसूस न हो।

फिर सर्जन ट्यूमर और प्रभावित क्षेत्र को काटकर हटा देगा। इसके बाद घाव पर टांके लगाकर बंद कर दिया जाएगा।

मोह्स सर्जरी (Mohs Surgery)

मोह्स सर्जरी स्किन कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे कारगर तकनीकों में से एक है। इसमें कैंसर सेल्स की परतों की एक माइक्रोस्कोप के जरिये अलग-अलग जांच की जाती है और फिर उन्हें हटाया जाता है।

मोह्स सर्जरी का उद्देश्य होता है स्वस्थ सेल्स को कम से कम नुकसान पहुँचाते हुए सभी कैंसर सेल्स से छुटकारा पाना।

पार्शियल पेनेक्टॉमी (Partial penectomy)

पार्शियल पेनेक्टॉमी में लिंग के एक हिस्से को काटकर निकाला जाता है। यदि ट्यूमर छोटा है तो यह ऑपरेशन सबसे कारगर होता है।

बड़े ट्यूमर के लिए, पूरे लिंग को हटाना आवश्यक होता है। लिंग को पूरी तरह से हटाने की प्रक्रिया को टोटल पेनेक्टॉमी कहा जाता है।

आपके लिंग कैंसर की चाहे कोई भी सर्जरी हुई हो, आपको पहले वर्ष के हर 2 से 4 महीनों में डॉक्टर से जाँच कराना होगा।

यदि आपका लिंग पूरी तरह से हटा दिया जाता है, तो आप अपने डॉक्टर से इस बारे में बात कर सकते हैं कि क्या आपकी लिंग पुनर्निर्माण सर्जरी हो सकती है।

दीर्घकालिक प्रभाव

जिन लोगों में लिंग कैंसर के प्रारंभिक चरण में उसकी पहचान हो जाती है, वो अक्सर उपचार के बाद पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।

अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, अगर ट्यूमर ग्रंथियों या नितम्भों के लिम्फ नोड्स में नहीं फैला है तो व्यक्ति के अगले पाँच साल जीवित रहने की दर लगभग 85 प्रतिशत होती है।

एक बार जब कैंसर कूल्हों के लिम्फ नोड्स या आस-पास के ऊतकों तक पहुंच जाता है, तो व्यक्ति के पाँच साल जीवित रहने की दर लगभग 59 प्रतिशत हो जाती है।

हालाँकि यह सामान्य आँकड़े हैं और आपकी उम्र व समग्र स्वास्थ्य के आधार पर आपकी स्थिति भिन्न हो सकती है।

अपने ठीक होने और जीवित रहने की संभावना को बढ़ाने के लिए आप जो सबसे जरूरी काम कर सकते हैं, वह है अपने डॉक्टर द्वारा सुझाई गई उपचार योजना और सलाहों का ठीक से पालन करना।

कैंसर का मुकाबला

लिंग कैंसर के कारण आप जो चिंता और तनाव महसूस कर रहे होंगे, उसे कम करने के लिए आपके पास एक मजबूत भावनात्मक सहारा होना आवश्यक है।

आप एक कैंसर सपोर्ट ग्रुप या कॉउंसलिंग से जुड़कर, अन्य लोगों के साथ अपनी चिंताओं पर चर्चा कर सकते हैं और एक मोरल सपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं।

अपने क्षेत्र के आसपास किसी कैंसर सपोर्ट ग्रुप को ढूँढ़ने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। आप इसे गूगल पर भी सर्च कर सकते हैं।

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