इरेक्टाइल डिसफंक्शन की 12 घरेलू आयुर्वेदिक दवाएँ

पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन होना एक आम बात है, जिसकी आवृत्ति उम्र के साथ बढ़ती जाती है।

इसलिए इससे पहले कि आप अपनी यौन शक्ति को खोना शुरू कर दें, यह बात समझ लें कि इरेक्टाइल डिसफंक्शन होने का मतलब यह नहीं है कि आपको हमेशा के लिए इस समस्या का सामना करना पड़ेगा।

पुरुषों की यौन शक्ति को बढ़ाने में मदद करने के लिए कुछ घरेलू आयुर्वेदिक उपचार काफी लाभदायक हो सकते हैं।

डॉ एम. पी. मणी (बैचलर ऑफ़ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) कहते हैं “इरेक्टाइल डिसफंक्शन में इनमें से कुछ उपाय मददगार हो सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह अप्रभावी भी हो सकते हैं। इसलिए विभिन्न घरेलू उपचारों का प्रयोग करके आप अपने लिए बेहतर उपचार ढूँढ सकते हैं। कम गंभीर इरेक्टाइल डिसफंक्शन मामलों में यह काफी लाभकारी परिणाम दे सकते हैं।”

पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज के लिए यहां कुछ सबसे कारगर घरेलू आयुर्वेदिक उपचार दिए गए हैं:

  1. लहसुन
  2. प्याज
  3. गाजर
  4. भिंडी की जड़
  5. शतावरी (सफ़ेद मुसली)
  6. सहजन
  7. अदरक
  8. सूखे खजूर
  9. किशमिश
  10. केसर
  11. अश्वगंधा
  12. दालचीनी का तेल

लहसुन

लहसुन घर पर पाए जाने वाले सबसे आम खाद्य पदार्थों में से एक है, जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन के इलाज में फायदेमंद होता है।

डॉ मणी कहते हैं “लहसुन को अक्सर ‘गरीब आदमी का पेनिसिलिन’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह सस्ता होता है और काफी प्रभावी एंटीसेप्टिक व इम्यून बूस्टर के रूप में कार्य करता है।”

“एक सेक्स वर्धक खाद्य पदार्थ होने के नाते, लहसुन उन यौन गतिविधियों में सुधार कर सकता है, जो किसी दुर्घटना या बीमारी के कारण बिगड़ गई हैं।”

“लहसुन खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो खुद को थकावट और बोरियत से बचाने के लिए अधिक सेक्स करते हैं।”

रोजाना कच्चे लहसुन की दो से तीन कलियां चबाएं। ऐसा नियमित रूप से करने से आपके इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज होगा।

इसके अलावा साबुत अनाज से बनी गार्लिक ब्रेड खाने से स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद मिलती है।

प्याज

प्याज को एक प्रभावी कामोद्दीपक और सर्वोत्तम कामेच्छा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। लेकिन इसके सेक्स वर्धक गुणों के बारे में आमतौर पर लोगों को पता नहीं होता।

एक सफेद प्याज लें, उसे छील लें, काट लें और फिर मक्खन में भूनें।

इस मिश्रण को रोजाना एक चम्मच शहद के साथ लिया जा सकता है, लेकिन इसे लेने से पहले ध्यान रखें कि आपका पेट कम से कम दो घंटे से खाली हो।

यह उपाय शीघ्रपतन, नपुंसकता और नींद के दौरान या अन्य समय में वीर्य के अनैच्छिक नुकसान (जिसे स्वप्नदोष भी कहा जाता है) का इलाज करने में मदद करता है।

इसके अलावा, काले चने के चूर्ण को प्याज के रस में सात दिनों तक डुबोकर रखें और फिर मिश्रण को सुखा लें। यह मिश्रण एक मजबूत कामोत्तेजक होता है और सेक्स परफॉरमेंस में सुधारलम्बे समय तक सेक्स करने के लिए इसे रोजाना लिया जा सकता है।

गाजर

इरेक्टाइल डिसफंक्शन ठीक करने के लिए गाजर को भी अमूल्य खाद्य पदार्थ माना जाता है।

150 ग्राम बारीक कटी गाजर को एक उबले अंडे और एक बड़ी चम्मच शहद के साथ सेवन करें।

इसको कम से कम एक या दो महीनों के लिए रोज सेवन करें।

जो लोग आमतौर पर तनाव में रहते हैं और यौन विकारों से पीड़ित हैं, वे इस उपाय के जरिये राहत पा सकते हैं क्योंकि यह सेक्स स्टैमिना को बढ़ाता है

भिंडी की जड़

भिंडी की जड़ को यौन शक्ति में सुधार के लिए एक उल्लेखनीय टॉनिक माना जाता है।

5 से 10 ग्राम भिंडी की जड़ के पाउडर को एक गिलास दूध और दो चम्मच मिश्री के साथ रोज लें।

इस नुस्खे का नियमित उपयोग यौन शक्ति को बहाल करने में मदद करता है।

शतावरी (सफ़ेद मुसली)

शतावरी (या सफेद मूसली) की सूखी जड़ों का उपयोग यूनानी चिकित्सा में एक कामोद्दीपक के रूप में किया जाता है।

15 ग्राम शतावरी की सूखी जड़ को लेकर एक कप दूध में उबाल लें।

संतोषजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए इस मिश्रण को दिन में दो बार लें।

इस नुस्खे का नियमित उपयोग इरेक्टाइल डिसफंक्शन और शीघ्रपतन को ठीक करने के लिए मूल्यवान है।

सहजन

सहजन पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन दुर्बलता और बाँझपन के उपचार में एक यौन टॉनिक के रूप में काम करता है।

यह सूखी छाल का चूर्ण नपुंसकता, शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन के इलाज में भी मूल्यवान होता है।

15 ग्राम सहजन के फूलों को 250 मिलीलीटर दूध में उबाल लें। यह सूप पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए एक प्रभावी यौन टॉनिक है।

या फिर, 120 ग्राम सहजन की सूखी छाल के पाउडर को 1 लीटर पानी में 30 मिनट तक उबालें। फिर मिश्रण की 30 ग्राम मात्रा में 1 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करें।

अच्छे परिणामों के लिए इस मिश्रण को दिन में 3 बार लें।

अदरक

अदरक से निकाला गया रस एक मूल्यवान कामोत्तेजक होता है और यौन कमजोरी के उपचार में मदद करता है।

रोज रात में आधा चम्मच अदरक के रस को एक उबले अंडे और शहद के साथ लें। ऐसा कम से कम एक महीने के लिए रोज करें।

इस नुस्खे को नपुंसकता, शीघ्रपतन और अत्यधिक वीर्यपात से छुटकारा पाने के लिए फायदेमंद माना जाता है।

सूखे खजूर

सूखे खजूर अत्यधिक पोषक तत्वों से युक्त खाद्य पदार्थ होते हैं, जो यौन इच्छा को बहाल करने, सहनशक्ति बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने की क्षमता रखते हैं।

यह मन को शांत करने, मूड बूस्ट करने और ध्यान को एकाग्र करने में भी मददगार होते हैं।

अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए रोजाना 100 ग्राम सूखे खजूरों में बराबर मात्रा में पिसे हुए बादाम, पिस्ता और बिही के बीजों को मिलाकर सेवन करें।

किशमिश

आयुर्वेद यौन शक्ति की पुन: स्थापित करने के लिए काले किशमिश के सेवन की सलाह देता है।

सबसे पहले काली किशमिश को मोटे तौर पर गुनगुने पानी में धो लें और फिर दूध में उबाल लें, जिससे यह फूल जाती है और मीठी हो जाती है।

अच्छे परिणाम पाने के लिए किशमिश को दूध के साथ ही सेवन करें।

शुरुआत में आपको 30 ग्राम किशमिश और 200 मिलीलीटर दूध को दिन में तीन बार लेना होगा।

और फिर किशमिश की मात्रा को धीरे-धीरे 50 ग्राम तक बढ़ाया जा सकता है।

केसर

आयुर्वेद में, केसर का उपयोग दम्पति में बांझपन के इलाज के लिए किया जाता है, क्योंकि इसकी सुगंध अत्यधिक कामुक होती है।

यह यौन इच्छा जगा सकता है और तंत्रिकाओं को रिलैक्स कर सकता है।

अपनी यौन शक्ति में सुधार करने के लिए केसर को मालिश तेल के रूप में प्रयोग करें या इसे अपने भोजन के साथ सेवन करें।

अश्वगंधा

आयुर्वेद अश्वगंधा को एक मूल्यवान कामोत्तेजक और बिस्तर में यौन शक्ति को फिर से स्थापित करने में बेहद फायदेमंद मानता है।

अश्वगंधा एक प्राचीन औषधीय जड़ी बूटी है जो अपने तनाव कम करने वाले गुणों के लिए जानी जाती है।

हालांकि, बहुत कम लोग इस बात से अवगत हैं कि भारतीय जिनसेंग के नाम से जानी जाने वाली यह जड़ी-बूटी मनोवैज्ञानिक इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने में भी सहायक होती है।

यह जादुई जड़ी बूटी एड्रेनल ग्रंथियों को मजबूत करके और तनाव के प्रति आपके शरीर की प्रतिक्रिया में सुधार करके काम करती है। यह आखिर में शरीर में कोर्टिसोल के उत्पादन को कम करने में मदद करता है, जिसे स्ट्रेस हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है।

जब आप कम तनाव महसूस करते हैं और आपकी चिंता का स्तर नीचे चला जाता है, तो यह स्वचालित रूप से बेहतर और अधिक संतोषजनक सेक्स लाइफ में तब्दील हो जाता है।

साथ ही, कुछ शोधों ने साबित किया है कि अश्वगंधा का सेवन केवल 90 दिनों के समय में ही शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा, कुछ उभरते सबूत यह भी बताते हैं कि अश्वगंधा टेस्टोस्टेरोन के स्तर को भी काफी बढ़ा सकता है।

दालचीनी का तेल

दालचीनी का तेल शरीर के आंतरिक तापमान को बढ़ाने और रक्त संचार में सुधार करने के लिए जाना जाता है।

2013 में चूहों पर हुए एक शोध में दालचीनी के तेल को यौन क्रिया में सुधार करने में फायदेमंद पाया गया है।

आगे के शोधों से पता चला है कि दालचीनी शुक्राणुओं की संख्या और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में भी मदद कर सकती है।

हालांकि, इससे पहले कि आप अपने शरीर और लिंग को दालचीनी के तेल से मालिश करना शुरू करें, याद रखें कि यह बहुत तेज होता है और इससे चकत्ते या जलन हो सकती है।

इसलिए उपयोग करने से पहले दालचीनी के तेल को एक वाहक तेल (जैसे नारियल के तेल) के साथ पतला कर लें और बहुत कम मात्रा में इसका इस्तेमाल करें।

इस तेल को हमेशा लिंग की फोरस्किन पर ही मालिश करें, और लिंग के मुठ जैसे संवेदनशील हिस्सों से दूर रखें।

इस तेल से अपने शरीर की मालिश करने से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

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