स्तंभन दोष (नामर्दी) दूर करने वाली एक्सरसाइज

नामर्दी को मेडिकल भाषा में इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष या सिर्फ ईडी भी कहा है।

इसमें व्यक्ति को अपना लिंग खड़ा न कर पाने या लम्बे समय तक खड़ा न रख पाने की समस्या होती है। यदि लिंग खड़ा हो भी जाता है तो वह ढीला रह जाता है और उसकी नसों में कमजोरी महसूस होती है।

ईडी अक्सर किसी अन्य शारीरिक समस्या जैसे दिल की बीमारी, मधुमेह, मोटापा और टेस्टोस्टेरोन में कमी के कारण हो सकता है।

इसके अन्य कारकों में मनोवैज्ञानिक समस्याएं, लिंग के रक्त संचार में कमी, हार्मोनल उतार-चढ़ाव और तंत्रिका क्षति शामिल हो सकते हैं।

वियाग्रा (सिल्डेनाफिल) जैसी दवाओं के साथ ईडी का इलाज करना, आपके लिए एकमात्र विकल्प नहीं है। बल्कि कुछ एक्सरसाइज और योगासन करके भी आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ़ द वेस्ट में हुए एक शोध में पाया गया कि पैल्विक एक्सरसाइज ने ईडी वाले 40 प्रतिशत पुरुषों को अपना पूरा इरेक्शन पुनः प्राप्त करने में मदद की। साथ ही, इसने अतिरिक्त 33.5 प्रतिशत पुरुषों की यौन प्रक्रिया में काफी सुधार किया।

अतिरिक्त शोध से पता चलता है कि ईडी के साथ-साथ अन्य सेक्स समस्याओं के इलाज के लिए पैल्विक मांसपेशी की एक्सरसाइज सहायक हो सकती है।

इस एक्सरसाइज के जरिये लिंग के पीछे मौजूद पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

पेल्विक मांशपेशियों की एक्सरसाइज को आमतौर पर कीगल एक्सरसाइज के नाम से भी जाना जाता है।

अक्सर महिलाएं भी बच्चे को जन्म देने के बाद अपनी मांसपेशियों की टोन और पेट की कसावट को फिर से हासिल करने के लिए कीगल एक्सरसाइज करती हैं। कीगल एक्सरसाइज मूत्र नियंत्रण और यौन स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।

कीगल एक्सरसाइज से पुरुषों को भी अत्यधिक फायदा होता है। विशेष रूप से, यह उनकी बुलबोकेर्नोसस मांसपेशी को मजबूत करने में मदद करती है।

यह महत्वपूर्ण मांसपेशी तीन काम करती है: लिंग खड़ा होने के दौरान उसमें रक्त भरना, स्खलन के दौरान रक्त को वापिस बाहर पंप करना और पेशाब के दौरान मूत्रमार्ग को खाली करने में मदद करना।

बुनियादी कीगल एक्सरसाइज

अपनी पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका होता है पेशाब करने के दौरान उसे बीच-बीच में रोकना और उन मांसपेशियों का अनुभव करना जिनके जरिये आप इसे रोकते हैं। यही आपकी पेल्विक फ्लोर माँसपेशियाँ होती हैं।

इनका पता लगाने का एक और तरीका है: अपने गुदा की मांसपेशियों को सिकोड़ना, जैसे कि आप अपने मल त्याग को रोक रहे हों।

कीगल एक्सरसाइज के एक सेट को पूरा करने के लिए – इन मांपेशियों को सिकोड़ें, 5 सेकंड के लिए होल्ड करें और फिर ढीला छोड़ दें।

इस प्रक्रिया को एक बार में 10 से 20 बार दोहराएं और दिन में दो या तीन बार करें।

आप इसे विभिन्न स्थितियों में करके देख सकते हैं, जैसे घुटनों के बल लेटकर, कुर्सी पर बैठकर या खड़े होकर।

बुनियादी बातों के अलावा

जब आप पहली बार इस एक्सरसाइज को करने की कोशिश करेंगे तो आप शायद पूरे 10 सेट को ठीक से न कर पाएं।

ऐसा होना आम बात है। इसलिए आप जैसे कर सकते हैं वैसे करते रहें, और नियमित रूप से दिन में दो-तीन बार करें। धीरे-धीरे अभ्यास होने के बाद आप इसे ठीक से करने लगेंगे।

एक्सरसाइज के दौरान अपनी सांस को रोककर न रखें और न ही अपने पेट, नितंबों या जाँघों की मांसपेशियों को सिकोड़ें।

प्रत्येक पाँच सेट करने के बाद कुछ देर के लिए आराम करें। अपने आप को चुनौती देने के लिए आप सेटों की संख्या या समय को घटा-बढ़ा सकते हैं।

पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज इरेक्टाइल डिसफंक्शन से राहत दिलाने में तो मदद करती ही है, साथ ही यह निम्न में भी मददगार है:

  • मूत्र या मल की असंयमिता को कम करना या इन्हें लम्बे समय तक रोके रखने की क्षमता बढ़ाना
  • पेशाब के बाद बूँद-बूँद टपकने की समस्या ख़त्म होना
  • समग्र सेक्स अनुभव में सुधार आना

एरोबिक एक्सरसाइज

पैल्विक फ्लोर से परे शरीर की अन्य मांसपेशियों पर काम करने से भी स्तंभन दोष से निपटने में मदद मिल सकती है।

द अमेरिकन जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी में पब्लिश हुए एक शोध के अनुसार एरोबिक एक्सरसाइज ईडी को बेहतर बनाने में काफी मदद कर सकती हैं।

ईडी अक्सर लिंग में रक्त प्रवाह की समस्याओं के कारण भी होता है। मोटापा, मधुमेह, हाई कोलेस्ट्रॉल और रक्त वाहिका रोग रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं और इनके फलस्वरूप ईडी हो सकता है।

एरोबिक एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से इन रोगों को कम करने में मदद मिलती है और आपके समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है, जिससे इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

हफ्ते में कम से कम चार दिन में रोज 30 मिनट तेज चलना, आपके हृदय के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और ईडी को कम करने के लिए पर्याप्त हो सकता है।

अन्य विकल्पों पर विचार

स्तंभन दोष से निपटने के लिए कीगल एक्सरसाइज और एरोबिक एक्सरसाइज करना एक बेहतरीन पहला कदम है।

संभावना है कि आपको ईडी की मेडिकल दवाएं लिए बिना ही इसमें सुधार देखने को मिले। लेकिन इन सुधारों को प्राप्त करने में समय लगता है और आपको धैर्यपूर्वक नियमित रूप से इन एक्सरसाइज को करने की आवश्यकता होगी।

तब तक आप सिल्डेनाफिल (वियाग्रा) जैसी दवाओं के जरिये ईडी से अस्थाई रूप से छुटकारा पा सकते हैं।

लेकिन अमेरिका की मायो क्लिनिक के अनुसार “स्तंभन दोष आपमें कोई दिल की बीमारी होने का शुरुआती लक्षण हो सकता है।”

इसके अलावा, आपमें कुछ ऐसी अन्य समस्याएं हो सकती हैं जो ईडी की दवाएं लेने के लिए आपको असुरक्षित बनाती हों।

उदाहरण के लिए, यदि आपको हृदय रोग है या आप नाइट्रेट दवाएं या रक्त को पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं, तो आपको कोई भी ईडी की दवा नहीं लेनी चाहिए।

इन मामलों में, आप लिंग वर्धक यन्त्र (पेनाइल पंप), प्रत्यारोपण या रक्त वाहिका सर्जरी के जरिये ईडी से छुटकारा पा सकते हैं।

निष्कर्ष

जरूरी नहीं कि ईडी का इलाज सिर्फ मेडिकल दवाओं या उपकरणों के माध्यम से ही संभव हो।

स्तंभन दोष पर विजय प्राप्त करने और अपने यौन जीवन को पुनः प्राप्त करने के लिए कई अन्य प्राकृतिक तरीके भी मौजूद हैं, जो कई शोधों द्वारा प्रमाणित हैं।

शुरुआत करने के लिए सरल कीगल एक्सरसाइज करना एक बेहतरीन तरीका है।

कीगल एक्सरसाइज को आप कहीं भी, कभी भी कर सकते हैं, क्योंकि इसमें आपको सिर्फ अपनी पेल्विक मांसपेशियों को सिकोड़ना ही तो होता है।

इसके अलावा, एरोबिक एक्सरसाइज आपके संपूर्ण हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती हैं, जिसका सीधा प्रभाव आपके लिंग के खड़ा होने और खड़ा बनाए रखने की क्षमता पर पड़ता है।

अपने स्तंभन दोष होने के कारकों से निपटना भी आपके यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक अधिक प्रभावी तरीका हो सकता है।

अपने ईडी और इसके सही कारकों के बारे में जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। और यह भी चर्चा करें कि आपके लिए कौन सा उपचार बेहतर होगा।

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