लिंग में सूजन (बैलेनाइटिस) के कारण, लक्षण, रोकथाम व इलाज

बैलेनाइटिस लिंग की फोरस्किन या मुठ में होने वाली सूजन, लालिमा और इन्फ्लेमेशन होता है। लगभग 20 में से 1 पुरुष (5 प्रतिशत) में यह समस्या होने की सम्भावना होती है।

बैलेनाइटिस की समस्या ज्यादातर खतनारहित पुरुषों (जिनकी फोरस्किन लिंग के मुठ पर चढ़ सकती है) में होती है।

यह समस्या दर्दनाक हो सकती है, लेकिन आमतौर पर ज्यादा गंभीर नहीं होती। अक्सर टोपिकल दवा (क्रीम जेल आदि) लगाने से इसमें राहत मिल जाती है।

कारण

बैलेनाइटिस आमतौर पर संक्रमण या पुरानी स्किन की समस्या के कारण होने वाली सूजन और इन्फ्लेमेशन है।

लिंग की उचित साफ-सफाई न रखने पर यह समस्या हो सकती है। अपर्याप्त सफाई और बहुत अधिक सफाई, दोनों ही इस समस्या को बढ़ा सकते हैं।

यह स्थिति अक्सर लिंग की स्किन में बैक्टीरिया या यीस्ट की अतिवृद्धि के कारण होती है। इन जीवों के बढ़ने के लिए लिंग की फोरस्किन एक आदर्श स्थान है, क्योंकि यह लिंग के सिर के चारों ओर नमी को फंसाये रख सकती है।

लिंग के मुठ या फोरस्किन पर चोट लगने से भी सूजन और संक्रमण हो सकता है।

लिंग में खुजली और जलन की समस्या भी बैलेनाइटिस का कारण बन सकती है। लिंग में खुजली और जलन के निम्न कारण हो सकते हैं:

  • नहाने के बाद अपने लिंग से साबुन को पूरी तरह से न धोना
  • लिंग को साफ करने के लिए सुगंधित साबुन का उपयोग करना, जिनमें अतिरिक्त केमिकल होते हैं और लिंग की संवेदनशील स्किन को नुकसान पहुँचा सकते हैं
  • कपड़े धोने की साबुन का उपयोग करना जो स्किन को रूखा-सूखा बना देती है
  • अपने लिंग पर सुगंधित लोशन या स्प्रे लगाना

कुछ जुलाब की गोलियाँ, नींद की गोलयाँ, दर्दनिवारक गोलियाँ और एंटीबायोटिक्स के दुष्प्रभाव के रूप में भी बैलेनाइटिस हो सकता है।

बैलेनाइटिस के अन्य कारक हैं:

लक्षण

लिंग के मुठ या फोरस्किन में सूजन और लालिमा होना बैलेनाइटिस का संकेत हो सकता है।

इसके अन्य लक्षण निम्न हैं:

  • फोरस्किन टाइट होना
  • स्किन से रिसाब निकलना
  • जननांगों में खुजली या दर्द होना

इसके अलावा, लिंग के मुठ की सूजन आपके मूत्रमार्ग पर भी दबाव डाल सकती है, जिससे पेशाब करते समय आपको दर्द हो सकता है।

पहचान

आमतौर पर बैलेनाइटिस की पहचान शारीरिक परीक्षण के जरिये की जा सकती है, क्योंकि इसके अधिकांश लक्षण दिखाई देने योग्य होते हैं।

यदि आपके लिंग या स्किन से कुछ डिस्चार्ज होता है, तो डॉक्टर लैब टेस्ट के लिए इसका या आपके मूत्र का नमूना ले सकता है।

लैब टेस्ट में नमूने में बैक्टीरिया या फंगस कोशिकाओं की उपस्थिति की जांच की जाएगी, जिससे बैलेनाइटिस के कारण को निर्धारित करने में भी मदद मिलेगी।

यदि बैलेनाइटिस का कारण कोई पुरानी स्किन की समस्या है, तो डॉक्टर आपकी बायोप्सी कर सकता है। बायोप्सी में स्किन का नमूना लेकर उसकी समस्याओं की जाँच की जाती है।

डॉक्टर द्वारा नमूना लेने से पहले आपको लोकल एनेस्थीसिया दिया जाएगा।

उपचार

बैलेनाइटिस का सबसे पहला उपचार होता है, लिंग पर किसी भी सुगंधित साबुन, लोशन या पाउडर का उपयोग बंद कर देना, क्योंकि यही अक्सर लिंग की सूजन का कारण होते हैं। लिंग की सफाई के लिए केवल गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें।

दवाएँ

पहचान जाँच के बाद, आपका डॉक्टर संभवतः आपको एक औषधीय क्रीम लिखेगा। यह क्रीम खुजली और सूजन को रोकने में मदद करती है।

यदि आपको कोई संक्रमण है, तो डॉक्टर इसे दूर करने में मदद करने के लिए एंटीबायोटिक या एंटिफंगल दवा लिख ​​सकता है। सूजन, खुजली, इन्फ्लेमेशन और डिस्चार्ज को रोकने के लिए आपको बस इतना ही करना होगा।

डॉक्टर सूजन को कम करने के लिए स्टेरॉयड युक्त औषधीय क्रीम भी लिख सकता है।

खुद से उपचार

खुद से उपचार करके भी बैलेनाइटिस को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

पतले विनेगर में 5% एल्यूमीनियम सबएसीटेट को मिलाएँ और इसमें एक साफ कपड़ा भिगोकर प्रभावित क्षेत्र पर रखें। यह मिश्रण स्किन को सिकोड़ेगा जिससे जलन से राहत पाने में मदद मिलेगी।

यदि फंगस (या यीस्ट संक्रमण) के कारण आपको बैलेनाइटिस हुआ है, तो आप निस्टैटिन (nystatin), क्लोट्रिमेज़ोल (clotrimazole) या टेरबिनाफ़िन (terbinafine) युक्त क्रीम को लिंग पर लगा सकते हैं।

हाइड्रोकार्टिसोन (hydrocortisone) युक्त स्टेरॉयड क्रीम भी मददगार हो सकती हैं।

यदि आप खुद से इन उपचारों को अपना रहे हैं, तो इनका इस्तेमाल दो हफ़्तों से ज्यादा न करें। इस दौरान यदि आपमें कोई सुधार नहीं दिखता है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या तो नहीं है।

जटिलताएँ

बैलेनाइटिस से होने वाली अन्य जटिलताओं की संभावना को कम करने के लिए जल्द से जल्द डॉक्टर से इसका उपचार करवाएं।

बैलेनाइटिस के कारण होने वाली संभावित जटिलताएँ निम्न हैं:

स्किन की एलर्जी के कारण भी बैलेनाइटिस हो सकता है, जिसमें स्किन में खुजली, दाने, और इन्फ्लेमेशन हो सकता है। स्किन में इन्फ्लेमेशन होने से उसमें स्कार टिश्यू बनने लगते हैं जो लिंग के छिद्र को ब्लॉक कर सकते हैं और लम्बे समय तक पेशाब में कठिनाई पैदा कर सकते हैं।

फाइमोसिस

कुछ पुरुषों की फोरस्किन इलाज के बाद भी पीछे नहीं हटती। इस स्थिति को फाइमोसिस के नाम से जाना जाता है। फाइमोसिस कुछ समय के लिए हुए बैलेनाइटिस से नहीं होता, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे (क्रोनिक) बैलेनाइटिस से होता है।

कुछ मामलों में, फाइमोसिस के इलाज के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। सर्जरी में लिंग के मुठ से फोरस्किन को अलग करने के लिए उसपर एक कट लगाया जा सकता है। अधिक गंभीर मामलों में खतना सर्जरी की आवश्यकता होती है, जिसमें फोरस्किन को पूरी तरह से हटा दिया जाता है।

जितनी जल्दी आप बैलेनाइटिस से निपटेंगे, आपमें फाइमोसिस होने की संभावना भी उतनी ही कम होगी।

रोकथाम

बैलेनाइटिस से बचे रहना उतना ही आसान है, जितना खुद को स्वस्छ रखना।

हर दिन स्नान करें, खासकर अधिक पसीना आने के बाद या सेक्स करने के बाद।

आप बैलेनाइटिस को निम्न तरीकों से भी रोक सकते हैं:

  • रोज अपने लिंग के मुठ से फोरस्किन को पीछे करें और उसे हलके गर्म पानी से साफ करें। साफ करने के बाद लिंग को पूरा सुखा लें
  • लिंग पर कोई सुगंधित या दुर्गन्ध दूर करने वाले उत्पादों के उपयोग न करें
  • स्नान करने के बाद जननांग क्षेत्रों को टॉवल से साफ करके सुखा लें

निष्कर्ष

बैलेनाइटिस के लक्षण केवल कुछ दिनों तक ही रहते हैं, यदि आप उन्हें पहचानते ही उपचार करें तो।

लंबे समय तक बैलेनाइटिस होने से यह चिंता का कारण बन सकता है। इन लंबे मामलों को आमतौर पर निर्धारित दवाओं या ओवर-द-काउंटर उपचारों के साथ छोटा किया जा सकता है। लेकिन उपचार से पहले इसके उचित कारकों की पहचान करना आवश्यक है।

बैलेनाइटिस के अधिकांश मामलों को बेहतर साफ-सफाई और टॉपिकल क्रीम के उपयोग से हल किया जा सकता है।

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